अयोध्या। ज्येष्ठ माह के पांचवे बड़े मंगल पर रामनगरी पूरी तरह हनुमानमय नजर आई। भोर की पहली किरण के साथ ही सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी सहित शहर के प्रमुख हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया, जो देर रात तक जारी रहा। तपती गर्मी और चिलचिलाती धूप भी भक्तों की आस्था को डिगा नहीं सकी। मंदिर परिसरों में दिनभर जय बजरंगबली और संकटमोचन हनुमान की जय के उद्घोष गूंजते रहे।
सुबह मंगला आरती के बाद दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हुआ। हनुमंत लला का फूलों, सिंदूर और विशेष अलंकरण से भव्य शृंगार किया गया। दिव्य स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भाव विभोर नजर आए। हनुमानगढ़ी के प्रवेश द्वार पर तड़के चार बजे से ही भक्तों की लंबी कतार लग गई थी। दूर-दराज के जिलों और पड़ोसी राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने हनुमानजी के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना की प्रार्थना की। मंदिर परिसर में हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और भजन-कीर्तन का आयोजन होता रहा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिरस में डूबा रहा।
बड़े मंगल के अवसर पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भंडारे और सेवा शिविर भी लगाए गए। श्रद्धालुओं को प्रसाद, शरबत और पेयजल वितरित किया गया। धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। दिनभर चली पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण के बीच रामनगरी में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
फूलों के शृंगार और विशेष भोग ने बढ़ाई छटा
पौराणिक नाका हनुमानगढ़ी मंदिर में भी बड़े मंगल पर विशेष आयोजन हुए। मंदिर के पट खुलते ही जयकारों से परिसर गुंजायमान हो उठा। महंत रामदास के अनुसार हनुमान जी का आकर्षक पुष्प शृंगार किया गया तथा संगीतमय हनुमान चालीसा और सुंदरकांड पाठ का आयोजन हुआ। हनुमंत लला को सवा मनी लड्डुओं का भोग अर्पित कर श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।