लखनऊ। अमौसी जोन में वर्टिकल व्यवस्था में मनमानी करने वालों पर अंकुश न लगाने पर आखिरकार मुख्य अभियंता महफूज आलम भी हटा दिए गए। इसी मनमानी में सात इंजीनियरों का निलंबन व 24 कर्मियों का दूसरे जिलों में तबादला किया जा चुका है। महफूज आलम को मध्यांचल विद्युत वितरण निगम मुख्यालय में संबद्ध किया गया है।
अमर उजाला ने आवेदकों को बिजली कनेक्शन देने में मनमानी करने, चहेते जेई आरके चौधरी को बचाने और नितिन चौधरी को फंसाने के लिए शीर्ष अफसरों को फर्जी रिपोर्ट भेजने की खबरें प्रमुखता से छापी थीं। खबरों का संज्ञान लेते हुए पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने जांच कराई थी। रिपोर्ट के आधार पर कलेक्शन इकाई के मुखिया नीरज कुमार सहित सात इंजीनियरों का निलंबन व सभी कर्मियों को तबादला हुआ था। ऊर्जा मंत्री और शीर्ष प्रबंधन में इस बात को लेकर नाराजगी थी कि मुख्य अभियंता महफूज आलम से महज 50 मीटर दूर बैठे अधीनस्थ मनमानी करते रहे तो वह आंखें मूंदे कैसे बैठे रहे। इसी लापरवाही के कारण महफूज आलम को हटाकर राम कुमार को मुख्य अभियंता पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। महफूज आलम ने जुलाई 2025 में अमौसी जोन में जिम्ममेदारी संभाली थी, जो महज आठ माह में ही हट गए।