लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने युवक की कथित अवैध हिरासत मामले की सुनवाई के दौरान पीजीआई थाने की सीसीटीवी फुटेज न मिलने पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने पुलिस आयुक्त की ओर से थाने के सीसीटीवी में तकनीकी गड़बड़ी की बात कहने पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि तकनीकी गड़बड़ी का हवाला देकर अधिकारी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते।
अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए, अपर मुख्य सचिव (एसीएस) गृह को तीन अप्रैल को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने चेताया कि अगर निजी हलफनामा न दाखिल हुआ तो एसीएस गृह, उस रोज रिकॉर्ड के साथ सहयोग के लिए कोर्ट में पेश होंगे।
न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन और न्यायमूर्ति बबिता रानी की खंडपीठ ने यह आदेश युवक की ओर से उसके पिता कमलेश सिंह की ओर से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दिया है। आरोप है कि विवेक सिंह को 7 नवंबर 2025 को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया था। पुलिस थाने की सीसीटीवी फुटेज से हिरासत की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।