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जैसे ही दूल्हे का मौर हटाया, दुल्हन के पैरों के नीचे से खिसकी जमीन

Thu, 28 Apr 2016 11:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जरवलरोड (बहराइच)
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शादी के लिए छपा कार्ड व इनसेट में दुल्हन - फोटो : amar ujala
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परसोहर गांव में मंगलवार रात बैंड, बाजा और बारात की खुशियों के बीच दुल्हन और उसके घर वाले तब भड़क गए जब उन्होंने मंडप में दूल्हे को नशे में लड़खड़ाते देखा। दूल्हे का मौर हटाते ही कन्या पक्ष के पैरों तले जमीन खिसक गई।
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क्योंकि, जिस लड़के की फोटो दिखाकर तिलक तक की रस्म पूरी हुई, उसकी जगह सेहरा किसी और उम्रदराज लड़के ने बांध रखा था। दूसरा लड़का देख दुल्हन ने शादी से इन्कार कर दिया।

24 घंटे गांव में ही पंचायत चली। बात न बनने पर बुधवार देर रात मामला थाने पहुंचा। इस पर पुलिस ने दोनों पक्षों में सुलह समझौता करवाकर बारात लौटा दी।

जरवलरोड थाना क्षेत्र अंतर्गत बहराइच-गोंडा की सीमा पर स्थित परसोहर गांव निवासी परशुराम ने अपनी 18 वर्षीय बेटी का विवाह कानपुर के गन फैक्ट्री चौकी के पास के निवासी विनोद कश्यप से तय किया था।
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बंगलूरू में नौकरी करने की बात कही

बारात लौटने के बाद घर पर पड़ा दहेज का सामान - फोटो : amar ujala
वर पक्ष ने विवाह तय होने से तिलक तक वधू पक्ष को सिर्फ लड़के दूल्हे की फोटो ही दिखाई। कहा कि वह बंगलूरू में एक कंपनी में काम करता है। छुट्टी नहीं मिलने के कारण सीधे शादी में ही आएगा।

माह भर पूर्व गोद भराई की रस्म पूरी हुई। 20 अप्रैल को तिलक चढ़ाया गया। निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंगलवार रात कानपुर से बारात परसोहर गांव पहुंची।

बारातियों का स्वागत और द्वारपूजा की रस्म पूरी होने का बाद रात 12 बजे के करीब मंडप में दूल्हा पहुंचा तो लड़खड़ाने लगा। कन्या पक्ष के लोगों को शक हुआ तो उसके सिर से मौर हटाया गया।

दूल्हे का चेहरा देखते ही सभी सकते में आ गए। वधू पक्ष ने कहा कि जो फोटो दिखाई गई थी, दूल्हा वह नहीं है। नशे में होने के साथ ही दूल्हे की उम्र लगभग 38 वर्ष के आसपास है। इस पर दुल्हन मंडप से उठ खड़ी हुई। उसने शादी से इन्कार कर दिया, जिससे हड़कंप मच गया।
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गुपचुप तरीके से चलती रही पंचायत

लड़क‌ी के माता-पिता। - फोटो : amar ujala
पूरी रात और बुधवार को पूरे दिन गुपचुप तरीके से गांव में पंचायत चली लेकिन बात नहीं बन सकी। दुल्हन शादी के लिए तैयार नहीं हुई। इस पर बुधवार रात मामला जरवलरोड थाने पहुंचा।

यहां भी विवाद की स्थिति बनी लेकिन थानाध्यक्ष धनंजय सिंह ने दोनों पक्षों को समझा बुझाकर समझौता करवाया। देर रात बारात कानपुर बैरंग लौट गई। थानाध्यक्ष का कहना है कि किसी भी पक्ष ने तहरीर नहीं दी है, जिसके चलते केस दर्ज नहीं किया गया है।

लड़के वालों ने हमें छला
घटना से बेटी के पिता परशुराम घटना काफी आहत हैं। उनका कहना है कि खेतीबाड़ी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। किसी तरह पैसों का इंतजाम कर बेटी का विवाह तय किया था लेकिन वर पक्ष के लोगों ने छलावा किया।

फोटो दूसरे की दिखाई और ब्याह रचाने के लिए दूसरे लड़के को ले आए। ऐसे में शादी कैसे करते।
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