सूबे के कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया का मंत्री पद बचाने के लिए सरकार के पास कुछ ही घंटे बचे हैं। प्रदेश सरकार ने बृहस्पतिवार को भी उच्च सदन में मनोनयन के लिए उनका नाम राजभवन नहीं भेजा। बिना किसी सदन का सदस्य रहे उन्हें मंत्री पद की शपथ लिए 30 अप्रैल को छह माह पूरे हो जाएंगे।
विधान परिषद में छह मनोनीत सदस्यों के पद रिक्त चल रहे हैं। इनका मनोनयन प्रदेश सरकार की सिफारिश पर राज्यपाल करेंगे। छह सदस्यों में पांच का मनोनयन 11 माह से अटका हुआ है जबकि एक सदस्य का कार्यकाल इसी महीने के प्रारंभ में पूरा हुआ है। पांच सदस्यों के मनोनयन पर राज्यपाल को आपत्ति थी।
इसलिए उन्होंने मनोनयन संबंधी फाइल राज्य सरकार को लौटाकर नए नाम भेजने की अपेक्षा जताई थी। रामूवालिया ने 31 अक्तूबर 2015 को मंत्री पद की शपथ ली थी।