अविश्वास से कमजोर हुई वैवाहिक जीवन की डोर, एक-दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप
लखनऊ। शादी के बाद रिश्तों की डोर जब अविश्वास से कमजोर हो जाती है, तो हर सपना टूटने लगता है। डालीगंज निवासी सुमन (बदला हुआ नाम) की वैवाहिक जिंदगी में भी कुछ ऐसा ही हुआ। शादी के बाद उसने अपने पति पर किसी अन्य महिला से अनैतिक संबंध होने का शक जताया। जब उसने इस विषय में पति से बात की तो शुरुआत में टालमटोल किया गया, लेकिन धीरे-धीरे यह मामला विवाद में बदल गया।
झगड़े बढ़ने पर यह मामला मध्यस्थता केंद्र पहुंचा। वहां पति-पत्नी दोनों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। पत्नी का कहना था कि पति का व्यवहार असामान्य लगने पर उसने अपनी सहेली और मां से सलाह ली, जिन्होंने उसे शक दिलाया कि किसी और महिला का मामला हो सकता है। वहीं, पति ने आरोप लगाया कि पत्नी खुद को बचाने के लिए झूठे आरोप लगा रही है।
मध्यस्थता के दौरान जब दोनों से पूछा गया कि क्या उनके आरोप प्रमाणिक हैं, तो दोनों ही इस पर सहमत नहीं दिखे। दोनों ने माना कि उन्होंने अपने-अपने शक के आधार पर ही आरोप लगाए हैं और कोई ठोस प्रमाण उनके पास नहीं है। मध्यस्थता केंद्र ने पति-पत्नी को एक महीने का समय दिया है, ताकि वे रिश्ते की अहमियत समझें और भावनाओं में बहकर लिए फैसलों पर पुनर्विचार कर सकें। दोनों की लिखित सहमति के बाद वैवाहिक जीवन को एक नई शुरुआत मिल सकती है।