बख्शी का तालाब। इटौंजा के तुर्की निवासी लापता नवविवाहिता हिमांशी कश्यप का शव मंगलवार को नगराम में इंदिरा नहर में मिला था। बृहस्पतिवार को फोटो देखकर मायके वालों ने शव की पहचान की। वहीं, इटौंजा पुलिस की कार्यशैली से नाराज मायके वालों ने थाने के बाहर जमकर हंगामा किया। इस दौरान हिमांशी की छोटी बहन ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगाने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। घटना के बाद से भागे हुए हिमांशी के पति प्रदीप, सास सुनीता और ननद राखी को पुलिस ने जम्मू से पकड़ा है। पुलिस टीम उनको लेकर लखनऊ आ रही है।
हिमांशी की छोटी बहन प्रियांशी को मंगलवार को मिले शव की फोटो मिली थी। प्रियांशी ने कपड़ों के आधार पर शव की पहचान अपनी बहन के रूप में की। शव का चेहरा पानी में गल चुका था, जिससे पहचान मुश्किल हो रही थी। मायके वालों के सब्र का बांध टूट गया और वे थाने के सामने सड़क पर धरने पर बैठ गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि इटौंजा पुलिस को तीन दिन तक शव मिलने की जानकारी नहीं हुई। पुलिस ने वहां से उन लोगों को हटाने का प्रयास किया तो हिमांशी की छोटी बहन ने पेट्रोल डालकर आग लगाने का प्रयास किया। एसआई एसके सिंह ने प्रियांशी के हाथ से पेट्रोल से भरा कैन छीन लिया। हंगामे को देखते हुए कई थानों की फोर्स को बुला लिया गया। पुलिस ने मायके वालों को उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर किसी तरह शांत कराया। एसीपी बख्शी का तालाब विकास पांडेय का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत की सही वजह पता चल सकेगी। पुलिस भागे हुए आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
पति, सास व ननद जम्मू से पकड़े गए, जेठ भागा हुआ
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इटौंजा पुलिस ने हिमांशी के पति प्रदीप गौड़, सास सुनीता और ननद राखी को जम्मू से पकड़ा है। पूछताछ में प्रदीप पूछताछ में प्रदीप हिमांशी की मौत को आत्महत्या बता रहा है। पहले उसने शव जलाने की बात कही थी। बाद में बयान बदला और बताया कि उसने हिमांशी के शव को नहर में फेंक दिया था। पुलिस टीम आरोपियों को लेकर लखनऊ आ रही है। इस मामले में नामजद हिमांशी के जेठ संदीप कुमार का पता नहीं चल सका है। पुलिस उसकी तलाश में भी जुटी है।
यह है पूरी घटना
सीतापुर की हिमांशी का रिश्ता शादी डॉटकॉम के माध्यम से तय हुआ था। 26 फरवरी को हिमांशी की शादी सीतापुर के बिरपुर अटरिया निवासी प्रदीप गौड़ से हुई थी। वे पूरे परिवार के साथ इटौंजा के तुर्की गांव में रह रहे थे। 11 जुलाई को करीब साढ़े नौ बजे हिमांशी ने पिता को फोन कर कहा था कि उसे यहां से ले जाएं, नहीं तो ये लोग उसे मार डालेंगे। अगले दिन मायके वाले ससुराल पहुंचे तो घर पर ताला लगा मिला। घर के सभी लोगों के मोबाइल नंबर बंद मिले। हिमांशी के पिता पवन कुमार की तहरीर पर पति प्रदीप, सास सुनीता, ससुर श्रीराम, ननद प्रीति, राखी, जेठ संदीप कुमार और भांजे शिवा गौड़ के खिलाफ दहेज हत्या की एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने ससुर, ननद प्रीति और भांजे को हिरासत में लिया था।
हिसांशी की फाइल फोटो।
हिसांशी की फाइल फोटो।
हिसांशी की फाइल फोटो।