कटरा (श्रावस्ती)। दुनिया को शांति का संदेश देने वाली बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती की छवि देश- विदेश में धूमिल हो रही है। यहां आने वाले पर्यटकों व अनुयायियों को भिक्षावृत्ति करने वाले न सिर्फ परेशान कर रहे हैं बल्कि उनके पर्यटन के आनंद को भी खराब कर रहे हैं। इनसे बचने के लिए कई बार पर्यटक व अनुयायियों को भागना पड़ता है। इसके बावजूद न तो इन पर रोक लग रही है और न ही कोई कार्रवाई ही हो रही है।
बाल विकास परियोजना के तहत गर्भवती व धात्री महिलाओं सहित पांच वर्ष तक के बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए तमाम योजनाएं संचालित हैं। वहीं छह से 14 वर्ष तक के बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए सर्व शिक्षा अभियान के तहत उन्हें मुफ्त शिक्षा, मुफ्त राशन व कपड़े उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इतना ही नहीं गरीबों को आवास व भोजन के लिए खाद्यान्न भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके विपरीत जिले में भीख मांगने की प्रवृत्ति लगातार बढ़ती जा रही है।
इसमें महिला पुरुष ही नहीं बच्चे भी शामिल हैं जो सुबह से शाम तक बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती के आसपास चक्कर लगाते रहते हैं। जैसे ही पर्यटकों को लेकर कोई बस तपोस्थली पहुंचती है। वहां मौजूद सभी भिखारी बस सहित अनुयायियों को घेर लेते हैं जिनसे पैसा लेने के लिए कभी उनका हाथ, कभी कपड़ा तो कभी पर्स आदि पकड़ कर अपनी ओर खींचते हैं। जान बचाने के लिए पर्यटक बसों के अंदर भागने का प्रयास करने वालों को वह उनकी सीट तक पीछा नहीं छोड़ते हैं। इसके बावजूद तपोस्थली में तैनात सुरक्षाकर्मी न तो इन्हें वहां से हटाना मुनासिब समझते हैं और न ही उन पर कोई कार्रवाई करते हैं।
जागरूकता तक सीमित है अभियान
जिले में बालश्रम, बाल भिक्षावृत्ति आदि रोकने के लिए एचआईटीयू टीम का गठन किया गया है। यह टीम होटल व बाजारों में ही जांच तक सीमित है। टीम में शामिल अधिकारी व कर्मचारी सिर्फ लोगों को जागरूक कर रहे हैं। वहीं इसके विपरीत तपोस्थली में काफी संख्या में भीख मांगते बच्चों पर टीम की नजर नहीं जा रही है। तपोस्थली के कच्ची कुट्टी, ओड़ाझार, जेतवन गेट, लंका मंदिर सहित सभी बड़े होटलों व प्रमुख स्थलों के सामने इन्हें भीख मांग देखा जा रहा है।
बुद्ध की तपोस्थली में भीख मांगने वालों की जानकारी हुई है। वहां टीम के साथ जाकर कार्रवाई की जाएगी।
- दानिश आजम, एचआईटीयू प्रभारी