मानसिक मंदित युवती के साथ संस्थान में रहने के दौरान दुराचार करने व गर्भवती करने के आरोपी समर्पण डे-केयर फाउंडेशन प्रबंधक और विशेष शिक्षक खुशहाल सिंह की जमानत अर्जी रजनीश कुमार मिश्रा ने खारिज कर दी। कोर्ट में सरकारी वकील अरुण कुमार पांडेय ने जमानत का विरोध करते हुए बताया कि पीड़िता के पिता ने मड़ियाव थाने में 26 नवंबर 2018 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें बताया था कि उसकी बेटी देहरादून के अरुना प्रोजेक्ट में छह वर्ष से रह रही थी। 22 नवंबर को प्रोजेक्ट की डायरेक्टर ने फोन पर बताया कि उनकी बेटी गर्भवती है। इस पर वादी देहरादून गया, जहां उसे डॉक्टर से पता चला कि जिन तारीखों पर वादी की बेटी के साथ दुराचार हुआ, उस दौरान वह लखनऊ में थी।
कहा गया कि वादी की बेटी छुट्टियों में लखनऊ आई थी। तब वादी ने रामराम बैंक चौराहे के पास समर्पण संस्था में भर्ती कराया था, जहां उसके साथ आरोपी ने दुराचार किया। बहस के दौरान कहा गया कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता के भ्रूण का बायोलॉजिकल पिता आरोपी ही है।