गुडंबा। जानकीपुरम में मानसिक रूप से कमजोर 15 वर्षीय किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को पूरी साजिश रचकर अंजाम दिया गया। आरोपियों को विश्वास था कि किशोरी अपनी मानसिक स्थिति के कारण कुछ नहीं बता पाएगी। पुलिस ने जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
इंस्पेक्टर जानकीपुरम विनोद कुमार तिवारी के अनुसार, आरोपी दिनेश और जगन्नाथ किशोरी को अक्सर अकेले घूमते देखते थे। उन्हें किशोरी की मानसिक कमजोरी की जानकारी थी। सोमवार शाम जगन्नाथ ने दिनेश को किशोरी को बहाने से साथ लाने भेजा। दिनेश किशोरी को घुमाने के बहाने निर्माणाधीन मकान में ले गया। वहां दोनों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
विज्ञापन
हंगामे के बीच मौजूद था दूसरा आरोपी : घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने दिनेश को पकड़कर पीटा था। पुलिस ने दिनेश को बचाया और जांच में जगन्नाथ की संलिप्तता पाई। जांच में सामने आया कि दूसरा आरोपी जगन्नाथ भी पूरे घटनाक्रम के दौरान आसपास मौजूद था। दिनेश ने पहले रिंकू का नाम लिया था, जिससे जगन्नाथ निश्चिंत हो गया था। सीसीटीवी फुटेज व साक्ष्यों के आधार पर जगन्नाथ को गिरफ्तार किया गया।
कोर्ट परिसर में आरोपी को पीटा गया
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को बुधवार को न्यायालय में पेश किया गया। अधिवक्ताओं की वेशभूषा में कुछ लोगों ने आरोपी जगन्नाथ को पीट दिया। पुलिसकर्मियों ने उसे बचाया। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा और बाद में दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया।
पीड़िता के परिजनों व ग्रामीणों ने रिंकू पर कार्रवाई की मांग करते हुए जानकीपुरम थाने में प्रदर्शन किया। पार्षद दीपक लोधी और भाजपा नेता रज्जन पांडेय ने भी समर्थन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की इंस्पेक्टर जानकीपुरम से नोकझोंक भी हुई। सूचना पर पहुंचे एसीपी अलीगंज शशि प्रकाश मिश्रा ने पीड़ित पक्ष के लोगों से वार्ता की। एसीपी ने बताया कि जांच में घटना के समय रिंकू की लोकेशन अटल चौराहा स्थित स्टोर में पाई गई। पीड़ित पक्ष ने रिंकू व उसके परिजनों पर धमकाने का आरोप लगाया। इसके बाद रिंकू, उसके पिता छोटू द्विवेदी और दो भाई जितेंद्र व अरविंद के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की गई है।