लखनऊ। अवध की पहचान बन चुकी चिकनकारी और जरी-जरदोजी कला को वैश्विक बाजार में और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक और पहल हुई है। एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत पारंपरिक कारीगरों के साथ इस क्षेत्र में कॅरिअर बनाने के इच्छुक युवाओं को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा करने वाले पात्र अभ्यर्थियों को उन्नत टूलकिट भी दिलाई जाएगी, ताकि उत्पादों की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता में सुधार हो सके।
जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र ने योजना के लिए 31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। प्रशिक्षण में बुनियादी व आधुनिक तकनीकों पर विशेष जोर रहेगा, जिससे कारीगर बाजार की बदलती मांग के अनुरूप कौशल को बेहतर बना सकें।
उपायुक्त उद्योग अभिजीत गौतम ने बताया कि योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और अन्य जानकारियां विभागीय वेबसाइट तथा ''उद्यम सारथी'' एप पर हैं। अभ्यर्थी जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, आठ कैंट रोड, कैसरबाग स्थित कार्यालय में भी संपर्क कर सकते हैं।