लखनऊ। कासगंज के चर्चित चंदन गुप्ता हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे बंदी सलीम (48) की मंगलवार रात इलाज के दौरान केजीएमयू में मौत हो गई। उसे लंबे समय से किडनी की बीमारी व मधुमेह था।
जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी के मुताबिक कासगंज के तहसील रोड निवासी सलीम तीन जनवरी 2025 को हत्या के मामले में जेल आया था। कोर्ट ने कासगंज के चर्चित हत्याकांड का दोषी मानते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। सलीम जेल में आने के पहले से किडनी की बीमारी थी। डायलिसिस भी हो रही थी। तबीयत बिगड़ने पर 30 जुलाई को उसे बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में उसे 16 अगस्त को केजीएमयू भेज दिया गया था।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक राजेंद्र कुमार जायसवाल के मुताबिक इलाज के दौरान परिजन सलीम के साथ अस्पताल में थे।
अंतरिम जमानत पर रिहा हुआ था सलीम
जेल सूत्रों के अनुसार अंतरिम जमानत मिलने पर 31 मई को सलीम जेल से रिहा हो गया था। अवधि पूरी होने पर 53 दिन बाद वह फिर जेल गया था।
तिरंगा यात्रा में गोली मारकर की गई थी चंदन की हत्या
कासगंज में 26 जनवरी 2018 को तिरंगा यात्रा निकालने के दौरान हुए दंगे में चंदन गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने कुल 31 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। एक आरोपी अजीजुद्दीन की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी। वहीं, दो आरोपी नसरुद्दीन और असीम कुरैशी को न्यायालय ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। मामले में एनआईए के विशेष न्यायाधीश ने 28 लोगों को दोषी पाया था।
कासगंज में पुलिस सतर्क
कासगंज। चंदन गुप्ता हत्याकांड के मुख्य आरोपी सलीम की मौत की सूचना मिलने के बाद बुधवार शाम को पुलिस, प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। सीओ आंचल चौहान ने बताया कि पुलिस प्रशासन सतर्क है। उधर, कई लोग उसके घर परिजन को ढाढ़स बंधाने पहुंचे। देर रात तक शव घर पहुंच गया।