योगी सरकार के 20 महीने के शासन की दूसरी बड़ी भर्ती परीक्षा को सफल कराना सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग के लिए भी किसी परीक्षा से कम नहीं है। सरकार की ओर से 27 मई 2018 को कराई गई 68500 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा शुरुआत से विवादों में रही।
पहले कट ऑफ में बदलाव को लेकर मामला उच्च न्यायालय पहुंचा। उसके बाद परीक्षा में उत्तर पुस्तिका की जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर सरकार और विभाग की किरकिरी हुई। सरकार ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों की जांच कमेटी भी गठित की।
जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद सभी अभ्यर्थियों को पुनर्मूल्यांकन का अवसर भी दिया गया। लेकिन फिर भी सरकार की कार्यवाही से असंतुष्ट अभ्यर्थी उच्च न्यायालय गए। उच्च न्यायालय ने मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं।
69 हजार सहायक अध्यापकों की भर्ती परीक्षा योगी सरकार की दूसरी बड़ी भर्ती परीक्षा है। विज्ञापन जारी होने से लेकर परिणाम जारी होने तक महज 49 दिन में होने वाली भर्ती परीक्षा को सफल कराना चुनौतीभरा होगा। सरकार का प्रयास है कि परीक्षा परिणाम निर्धारित तिथि को जारी कराकर लोकसभा चुनाव में इसका फायदा उठाया जा सके।
ऐसे में विभाग के अदने से आला अफसरों को एक एक कदम फूंक फूंक कर रखना होगा। 18 नवंबर को आयोजित टीईटी 2018 में सामने आए नकल माफिया से भी सावधान रहना होगा।