राज्य सरकार की ओर से जूनियर टीईटी पास बीएड बेरोजगार अभ्यर्थियों के लिए अभी तक नौकरी का कोई विकल्प नहीं दिया गया है। तीन वर्ष पूर्व प्रदेश भर में 2.50 लाख बीएड बेरोजगार जूनियर स्तर के लिए टीईटी पास करके बैठे हैं।
इसमें 29 हजार टीईटी पास विज्ञान वर्ग के अभ्यर्थियों की ही भर्ती हो सकी है। अभ्यर्थियों ने सरकार से उनके बारे में नीति स्पष्ट करने की मांग की है। सरकार के असमंजस से टीईटी पास अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है।
अभी तक प्राथमिक विद्यालयों से शिक्षकों को प्रमोशन देकर उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनाती दी जाती रही है। प्राथमिक विद्यालयों में सरकार की ओर से बीटीसी और विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त बीएड बेरोजगारों की नियुक्ति करने का नियम है।