प्रदेश के सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2014 के आयोजन की तैयारी शुरू हो गई है।
सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी टीईटी 2014 के लिए प्रस्ताव तैयार करके शासन की तैयारी में जुटी हैं। इसे शीघ्र सरकार के पास भेज दिया जाएगा।
परीक्षा नवंबर-दिसंबर में कराने की तैयारी है। सरकार एक ओर जहां चौथी बार टीईटी कराने की तैयारी में तो पहली बार 2011 में टीईटी पास करने वाले अभ्यर्थियों को ही नौकरी का इंतजार है।
इसके बाद 2012 एवं 2013 में टीईटी पास करने वालों को नौकरी कब मिलेगी, इसको लेकर सरकार के पास जवाब नहीं है।
पिछले टीईटी पास को नहीं मिली नौकरी
तीन बार टीईटी पास किसी भी अभ्यर्थी को नौकरी नहीं मिल सकी है।
प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भर्ती के लिए 2010-11 में पहली बार शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) कराई गई थी।
पहली बार टीईटी पास होने वाले अभ्यर्थियों को तीन साल बाद भी नौकरी नहीं मिल सकी है। 2011 में प्रदेश सरकार ने टीईटी पास अभ्यर्थियों के लिए 72825 पदों की घोषणा की थी।
टीईटी 2011 के विवादों में होने के कारण ही सरकार एवं कोर्ट की ओर से बार-बार आदेशों के बाद भी शिक्षक भर्ती पूरी नहीं हो सकी है। इसके लिए सरकार को एनसीटीई से भी चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का आग्रह करना पड़ा था।
मई तक पूरी करनी थी भर्ती
प्रदेश शासन की ओर से सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप दो महीने के भीतर मई के अंतिम सप्ताह में भी भर्ती पूरी करनी थी।
लोकसभा चुनाव के दौरान प्रदेश सरकार इन पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं कर सकी है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से इस भर्ती को लेकर तैयारी की सूचना है।
अब तो आलम यह है कि सरकार की ओर से इन पदों को चाहे जो तैयारी कर ली जाए, नए शैक्षिक सत्र में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को शिक्षक नहीं मिल सकेंगे।
टीईटी पास अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर पहले 2011, 12 और 13 के सफल अभ्यर्थियों को नौकरी देने की मांग की है।