उत्तर प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) और शिक्षक भर्ती परीक्षा प्रति वर्ष की जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने संघ लोक सेवा आयोग की भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा की तर्ज पर ये परीक्षा हर साल निर्धारित माह में कराकर अप्रैल तक शिक्षकों की कमी दूर करने की तैयारी है। विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रभात कुमार ने इसकी कवायद शुरू की है।
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि टीईटी का प्रति वर्ष निर्धारित माह और तिथि कराने की योजना है। टीईटी का परिणाम आने के बाद हर साल निर्धारित तिथि और माह में ही रिक्त पदों पर सहायक अध्यापकों की भर्ती परीक्षा कराई जाएगी।
इस व्यवस्था के लागू होने के बाद प्रति वर्ष मार्च तक शिक्षकों का चयन कर अप्रैल तक उन्हें नियुक्ति दे दी जाएगी। वहीं, सूत्रों का कहना है कि विभाग इस वर्ष अक्तूबर-नवंबर तक टीईटी कराने की तैयारी है।
टीईटी के बाद करीब 65 हजार से अधिक रिक्त पदों पर सहायक शिक्षकों की भर्ती निकाली जाएगी। सरकार मार्च से पहले भर्ती परीक्षा कराकर लोकसभा चुनाव में उसका लाभ उठाने का प्रयास करेगी।