चित्रकूट की महिला से सामूहिक दुराचार और उसकी नाबालिग बेटी से दुराचार के प्रयास के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट विकास नगर की अदालत में पीड़िता की गवाही शुरू हो गई है। यह बुधवार को भी जारी रहेगी।
जेल में बंद पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति, विकास वर्मा, अशोक तिवारी, आशीष शुक्ला, अमरेन्द्र सिंह, चन्द्रपाल एवं रूपेश्वर उर्फ रूपेश तिवारी को जेल से लाकर सुनवाई के दौरान अदालत में पेश किया गया। इस मामले में शासन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज कुमार त्रिपाठी को विशेष अधिवक्ता नियुक्त किया गया है। उनके सहयोगी के रूप में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने पीड़िता की गवाही लिखवानी शुरू की।
आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद इस मामले में पीड़िता की गवाही शुरू की गई है। जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज कुमार त्रिपाठी के अनुसार, चित्रकूट निवासी पीड़िता की ओर से सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर 18 फरवरी 2017 को गौतमपल्ली थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इस मामले में गायत्री प्रसाद प्रजापति, अमरेन्द्र सिंह एवं विकास वर्मा की जमानतें हालांकि पहले स्वीकार की गई थीं, लेकिन बाद में उच्च न्यायालय ने तीनों की जमानत खारिज कर दी थी।