अलकायदा की सूचना के बाद एटीएस
- फोटो : अमर उजाला
अलकायदा के जिन तीन संदिग्धों को बुधवार को एटीएस ने राजधानी में दबोचा है, उनमें मुस्तकीम ठेकेदार, मुईद बिल्डर और शकील ई-रिक्शा चालक है। इन तीनों और पहले पकड़े गए आतंकी मिनहाज से सीधा संबंध है।
एटीएस के मुताबिक खदरा के मदेयगंज निवासी मुस्तकीम बड़े भवनों के निर्माण कार्य के लिए मजदूरों की सप्लाई करता था। वह लखनऊ के लीडर मिनहाज का सबसे करीबी था। उसे मिनहाज के हर कदम के बारे में जानकारी थी। वह अक्सर मिनहाज की दुकान पर भी बैठा मिलता था। वहीं मुस्तकीम को इसकी भी जानकारी थी कि मिनहाज दिन में कितनी बार कश्मीर में बात करता है।
न्यू हैदरगंज कैम्पल रोड निवासी मुईद ठाकुरगंज, चौक, वजीरगंज, बाजारखाला और काकोरी इलाके में छोटे प्लाट खरीदने और मकान बनाकर बेचने का काम करता था। इसके आड़ में वह मिनहाज के दुबग्गा इलाके में घूमा करता था। एटीएस के मुताबिक मुईद अक्सर मिनहाज से रात के अंधेेरे में उसके घर के पास जाकर मिलता था। वहीं पर उसने कई बार असलहों के बारे में बातचीत भी कराई थी। हालांकि जरूरत होने पर दिन में दुकान पर भी आता था।
तीसरा संदिग्ध वजीरगंज स्थित जनता नगरी निवासी शकील तीन साल पहले मोटर मैकेनिक था। उसने काम बंदकर ई-रिक्शा चलाना शुरू कर दिया था। वह डालीगंज पक्का पुल से सवारी लेकर चारबाग तक आता-जाता था। ई-रिक्शा की बैटरी खराब होने पर कई बार उसने मिनहाज की दुकान से बदला था। उसने मिनहाज की दुकान से कई बार परिचितों को भी बैटरी दिलाई थी। इससे वह मिनहाज का करीबी हो गया। शकील ने असलहे के लिए मिनहाज की कानपुर के एक व्यक्ति से बातचीत कराई थी।
अलकायदा के संदिग्ध आतंकी मिनहाज से मिली .32 बोर की पिस्टल से जुड़े अब तक तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अभी इससे जुड़े कई और लोगों के गिरफ्तारी होनी तय है। ये एटीएस के रडार पर हैं। एटीएस के मुताबिक मुईद ने मुस्तकीम की मदद से मिनहाज को पिस्टल दिलाई। पर पिस्टल किससे खरीदी गई, इसका खुलासा एटीएस जल्द करेगी।
अब तक पिस्टल से जुड़े लगभग आधा दर्जन लोगों के नाम सामने आ चुके हैं। मिनहाज से बरामद पिस्टल को कानपुर से खरीदा गया था। इसे लेकर एटीएस की एक टीम कानपुर के चमनगंज पर भी निगाह बनाए हुए है। वहीं, जिन लोगों पर एटीएस को शक है, वह दोनों चमनगंज के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
एटीएस ने संदिग्ध आतंकियों के पास से कुकर बम भी बरामद किया था। एटीएस कुकर व विस्फोटक किसने उपलब्ध कराया, कुकर बम बनाने की ट्रेनिंग कहां से ली गई आदि सवालों के जवाब मिनहाज व मसीरूद्दीन से उगलवाने का प्रयास कर रही है।