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लखनऊ में आतंकी : एक-दूसरे से सीधे जुड़े थे पांचों संदिग्ध आतंकी, मिनहाज की दुकान पर होती थी बैठक

Wed, 14 Jul 2021 07:57 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

एटीएस ने पिछले चार दिनों में अलकायदा से जुड़े पांच संदिग्ध आतंकियों मिनहाज, मसीरूद्दीन, मुस्तकीम, मुईद और शकील को दबोचा है। इन सभी के मोबाइल फोन से आपस में बातचीत करने के साक्ष्य मिले हैं।
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लखनऊ
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विस्तार
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एटीएस की गिरफ्त में आए लखनऊ के पांचों संदिग्ध आतंकी एक-दूसरे से सीधे जुड़े थे। ये लोग खदरा में मिनहाज की बैटरी की दुकान पर आतंकी वारदात के बारे में चर्चा करते थे। असलहों और विस्फोटक की सप्लाई को लेकर यहीं से संपर्क भी किया गया था। यह खुलासा इन संदिग्धों ने एटीएस की पूछताछ में किया है।

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एटीएस ने पिछले चार दिनों में अलकायदा से जुड़े पांच संदिग्ध आतंकियों मिनहाज, मसीरूद्दीन, मुस्तकीम, मुईद और शकील को दबोचा है। इन सभी के मोबाइल फोन से आपस में बातचीत करने के साक्ष्य मिले हैं। एटीएस अधिकारी के मुताबिक मिनहाज अहमद इनका लीडर था। वहीं अन्य चारों को आतंक फैलाने के लिए बरगला रहा था। इसके लिए मिनहाज की खदरा स्थित बैटरी की दुकान बैठक करते थे। जब दुकान में पांचों एक साथ होते थे तो वहां काम करने वाले कर्मचारियों को यह निर्देश होता था कि किसी को अंदर न आने दिया जाए। पांचों की बैठक खत्म होने के बाद ही दुकान में किसी को अंदर आने दिया जाता था।

मिनहाज का घर दुबग्गा के बेगरिया में था। यहां से खदरा की दूरी लगभग 8 किमी है। जबकि उसके घर से ठाकुरगंज व चौक काफी पास है। इन दोनों प्रमुख बाजारों में अच्छी खासी भीड़ जुटती है। जब इस संबंध में एटीएस ने पूछताछ की तो मिनहाज ने पूरी योजना का खुलासा कर दिया। एटीएस के मुताबिक खदरा मिश्रित आबादी वाला इलाका है और यहां संकरी गलियों के कारण सर्वाधिक ई-रिक्शा का प्रयोग होता है। मिनहाज को पता था कि यहां निम्न आय वर्ग वाले लोगों की संख्या अधिक है। जिन्हें आसानी से अपने जाल में फंसाया जा सकता है। वह किस्तों पर बैटरी देकर लोगों से रिश्ते बनाता था। फिर अपनी आतंकी गतिविधियों को बारे में बातचीत करता था।
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मिनहाज ने शकील, मुस्तकीम व मुईद से की असलहे की बात
एटीएस के मुताबिक मिनहाज ने शकील, मुस्तकीम और मुईद से असलहे की बात की थी। तीनों की गिरफ्तारी के बाद एटीएस की पूछताछ में सामने आया कि बड़े पैमाने पर असलहा मंगाने की तैयारी थी। इसके लिए तीनों को काम पर लगा दिया गया था। शकील ने कानपुर के असलहा व विस्फोटक सप्लायर से बात कराई थी। मिनहाज ने वहीं से एक पिस्तौल और कुछ विस्फोटक सामग्री मंगाई थी। साथ ही उसने कानपुर के असलहा कारोबारी को भविष्य में और भी सामान मंगाने का आश्वासन दिया था। मुस्तकीम और मुईद ने मिनहाज को लखनऊ व आसपास के असलहे के अवैध सप्लायरों के बारे में जानकारी दी थी। कुछ सप्लायरों से बात भी कराई थी। तीनों से पूछताछ मेें सामने आया है कि लखनऊ में असलहों की बड़ी खेप मंगाने की तैयारी थी, लेकिन इससे पहले ही सभी दबोच लिए गए।

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