देवबंद से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध जैश आतंकी नवाज उर्फ शाहनवाज और आकिब के साथ 12 युवक आतंकी ग्रुप से जुड़े हुए थे। इनमें से पांच उत्तर प्रदेश और बाकी कश्मीर के हैं। यूपी के पांच युवकों में से दो देवबंद के दारुल-उलूम के छात्र हैं। दोनों संदिग्ध आतंकियों से एटीएस की पूछताछ में यह खुलासा हुआ।
उत्तर प्रदेश के जिन पांच युवकों के बारे में एटीएस को जानकारी मिली है, उनमें से कुछ से एटीएस ने पूछताछ भी की है। फिलहाल इनमें से किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है। हालांकि एटीएस इन पर लगातार निगाह रख रही है। एटीएस ने उसे भी चिह्नित कर लिया है जिसको इन दोनों संदिग्ध आतंकियों ने गिरफ्तार होने से एक दिन पहले दावत दी थी। एटीएस जल्द ही इस युवक पर इनाम घोषित करने की तैयारी में है।
डेढ़ साल से सक्रिय था नवाज
पूछताछ में सामने आया कि नवाज पिछले करीब डेढ़ साल से जैश की गतिविधियों में सक्रिय था। इस दौरान उसने कश्मीर में अपने आका को यह जानकारी भी दी थी कि जल्द ही दो फिदायीन तैयार हो जाएंगे। इन फिदायीन से यूपी केकिसी बड़े जिले में बड़ी घटना को अंजाम दिलाए जाने की तैयारी थी। यह हमला 15 से 20 दिनों में हो जाना था, लेकिन इससे पहले ही ये दोनों जांच एजेंसियों के हत्थे चढ़ गए। दूसरा संदिग्ध आतंकी आकिब भी पिछले करीब छह माह से जैश की गतिविधियों में सक्रिय था।
अवसादग्रस्त युवकों को बनाते थे निशाना
एटीएस को जानकारी मिली है कि देवबंद में कश्मीर के लगभग 350 युवक पढ़ रहे हैं। नवाज और आकिब ने कुबूला है कि वे इनमें से उन छात्रों को चिह्नित करते थे जो अवसादग्रस्त प्रतीत होते थे। इनकी ब्रेन वाशिंग कर उन्हें जैश के साथ जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाता था।
दोनों संदिग्ध आतंकी लखनऊ जेल में दाखिल
नवाज उर्फ शाहनवाज और आकिब का दस दिन का रिमांड पूरा होने पर एटीएस ने मंगलवार को उन्हें लखनऊ जेल में दाखिल कर दिया। एटीएस हथियार व विस्फोटक आदि की बरामदगी के लिए उन्हें कश्मीर ले जाना चाहती थी लेकिन वहां के हालात खराब होने और उड़ानें निरस्त होने की वजह से ऐसा नहीं हो सका।