कतर्नियाघाट रेंज के बिछिया स्थित कतर्निया गांव में मंगलवार सुबह एक हाथी घुस गया। हाथी ने चिंघाड़ना शुरू किया। इस पर भगदड़ मच गई। ग्रामीणों ने हांका लगाना शुरू किया। आसपास गांव के लोग भी एकत्रित हो गए। फिर भी एक घंटे तक हाथी गांव व वन चौकी मार्ग के बीच में खड़ा रहा।
घंटे भर बाद जब वह जंगल की ओर गया, तब लोगों ने राहत की सांस ली। घटना से आसपास गांवों के लोग भी दहशतजदा हैं। वनकर्मियों ने ग्रामीणों को सजग रहने की हिदायत दी है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत गेरुआ नदी के पार कतर्निया गांव है। इसके अलावा आंबा, भरथापुर, भवानीपुर गांव भी आसपास बसे हुए हैं। मंगलवार सुबह 11 बजे के आसपास गांव के लोग अपने कार्यों में व्यस्त थे।
तभी नेपाल के रायल बर्दिया नेशनल पार्क से आए हाथियों के झुंड से भटक कर एक हाथी कतर्निया गांव पहुंच गया। वन चौकी के पास हाथी ने चिंघाड़ना शुरू किया। इस पर ग्रामीणों में भदगड़ मच गई।
गांव निवासी अबू तालिब, वारिस अली, राजू, अमीरे हसन, अली हसन आदि ने वन रक्षक अजय सिंह व एसएसबी जवानों के साथ हांका लगाना शुरू किया। लगभग एक घंटे तक हाथी डटा रहा। ग्रामीणों ने ढोल और पीपा पीटते हुए शोर मचाया। इस दौरान आसपास गांव के लोग भी एकत्रित हो गए।