राज्य सरकार ने इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के आतंकी तहसीन अख्तर के साथ ही मध्य प्रदेश से भाग निकले सिमी के आतंकियों में से कुछ के यूपी में छिपे होने की सूचना पर अलर्ट जारी किया है।
खुफिया एजेंसियों के साथ ही सूबे के सभी जिलों के पुलिस अफसरों को सचेत रहने की ताकीद की गई है।
आईजी आरके विश्वकर्मा ने बताया कि दोनों ही सूचनाओं पर सभी जिलों के कप्तानों को सतर्कता बरतने के लिए अलर्ट जारी किया गया है।
बताया कि एटीएस व अन्य जांच एजेंसियां भी इस काम में लग गई हैं। उन्होंनें कहा कि सिमी आतंकियों के यूपी में छिपने की सूचनाएं सामने आ रही हैं। इसके मद्देनजर आतंकियों के छिपने के हर संभावित पर तलाशी की जाएग़ी।
आईजी ने बताया कि तहसीन अख्तर का फोटो भी सभी जिलों को भेजा गया है। रेलवे स्टेशनों के अलावा होटलों, धर्मशालाओं, गेस्टहाउस आदि में इस फोटो के आधार पर जांच होगी।
उल्लेखनीय है कि आतंकी तहसीन अख्तर के अयोध्या पर हमला करने के इरादे की जानकारी खुफिया एजेंसियों को पहले ही मिल गई थी। इस बात की पुष्टि आईएम कमांडर यासीन भटकल ने भी पूछताछ में की है।
ऐसे ही मध्य प्रदेश की खंडवा जेल से भाग निकले सिमी के सात आयंकियों में से दो अबू फजल और असलम के उत्तर प्रदेश में संपर्क होने की सूचना पर जांच एज़ेंसियां चौकस हुई हैं।
इन आतंकियों के यूपी के पूर्वांचल में होने की संभावना जताई गई है। इन दोनों ने पूर्व में उन न्यायाधीशों की रैकी की थी, जिन्होंने अयोध्या प्रकरण पर फैसला सुनाया था।
इन आतंकियों के भाग निकलने की सूचना के फौरन बाद ही तीनों न्यायाधीश जस्टिस सिबगत उल्ला खान, जस्टिस सुधीर अग्रवाल और जस्टिस धर्मवीर शर्मा की सुरक्षा की समीक्षा कर सुरक्षा प्रबंधों को और चौकस कर दिया गया है।
आला अफसरों ने कहा कि इन आतंकियों की तलाश में खुफिया एजेंसियों ने अपना जाल फैलाना शुरू कर दिया है। इस बात की कोशिश की जा रही है कि आतंकियों के सभी संपर्कों की जानकारी हासिल कर ली जाए, जिससे उनको दबोचने में आसानी हो।
भदोही में तलाशे जा रहे फरार आतंकियों के सुराग
खुफिया एजेंसियों को शक है कि एमपी से भागे सिमी आतंकियों में से कुछ यूपी के भदोही या आसपास के जिलों में छिपे हो सकते हैं।
इसके मद्देनजर उत्तर प्रदेश की एटीएस को भी सतर्क किया गया है। एटीएस की एक टीम पूर्वी उत्तर प्रदेश में रवाना की जा रही है।
खुफिया एजेंसियों को इस बात का अंदेशा शेख मुजीब की पुरानी गतिविधियों की वजह से है। एमपी से भागने वाले सिमी आतंकियों में से एक शेख मुजीब पहले भी भदोही जाकर वहां कई दिनों तक रुक चुका है।
मुजीब भदोही जाने से पहले लखनऊ के अमीनाबाद स्थित चिकमंडी में वर्ष 2007 में रुका था। यहां वह सिमी के एक अन्य सदस्य शहबाज के पास आया था। शहबाज का इसी इलाके में साइबर कैफे था।
गौरतलब है कि शहबाज को पूर्व में राजस्थान विस्फोट के सिलसिले में गिरफ्तार किया जा चुका है। शहबाज भी भदोही का रहने वाला था और यहां अमीनाबाद में अपनी ससुराल में रह रहा था।
शहबाज के पकड़ जाने के बाद जांच एजेंसियों ने भदोही में जाकर पड़ताल की थी, तब उन्हें शेख मुजीब के वहां ठहरने की जानकारी हुई थी।
लेकिन तब जांच एजेंसियों को इस बात की पुख्ता जानकारी नहीं हो सकी थी कि शेख मुजीब भदोही में किन कारणों से और किस-किस के पास गया था। उसके इरादे क्या थे।
अब शेख मुजीब के भाग निकलने के बाद जांच एजेंसियां भदोही को लेकर फिर सक्रिय हुई हैं। उन्हें इस बात का अंदेशा है कि मुजीब शरण लेने के लिए भदोही के अपने किसी पुराने संपर्की की मदद ले सकता है।
चूंकि सिमी आतंकियों के साथ ही वाराणसी शीतला घाट विस्फोट में लिप्त रहे तहसीन अख्तर को भी अभी तक पकड़ा नहीं जा सका है और उसके भी यूपी में ही कहीं छिपा होने का अंदेशा जताया जा रहा है।
इसके मद्देनजर एटीएस की पूर्वांचल इकाई को सचेत कर दिया है। साथ ही एटीएस मुख्यालय से एक टीम भदोही के लिए जल्द ही रवाना होगी।