सूत्रों की मानें तो कमरुज्जमा ने कानपुर के शिवपुर में खुद को टावर इंजीनियर बताकर दो महीने पहले मकान लिया था। मकान मालिक ने आईडी मांगी तो कमरुज्जमा ने लखनऊ से आईडी लाकर देने की बात कही। कहा जा रहा है कि उसने एक माह का किराया भी दिया लेकिन दूसरे महीने का किराया भी अब तक नहीं दिया था।
सूत्रों ने बताया कि चार साल विदेश में रह कर लौटने के बाद कमरुज्जमा कश्मीर चला गया और वहां कपड़े का कारोबार करने लगा। 2016 में वह ओसामा के संपर्क में आया और फिर किश्तवाड़ की पहाड़ी पर नौ महीने तक ट्रेनिंग की। सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर कमरुज्जमा सोशल मीडिया पर फोटो अपलोड करने के बाद आया।
संदिग्ध आतंकी कमरुज्जमा को देर शाम सात बजे विशेष सीजेएम एटीएस हिमांशु दयाल श्रीवास्तव की कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे 27 सितंबर तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश हुआ। बाद में एटीएस की ओर से न्यायालय से 10 दिन की रिमांड मांगी गई। न्यायालय ने शुक्रवार सुबह 10 बजे से कमरुज्जमा को एटीएस की अभिरक्षा में सुपुर्द करने का निर्देश दिया।