एसडीओ हरिलाल की मानें तो बाघ की सक्रियता मिलने की जानकारी पर वन विभाग की टीम ने करीब एक किलोमीटर के दायरे में कॉम्बिंग की है। यहां कई बागों में ऐसे पगचिह्न मिले हैं जो बाघ के लग रहे हैं।
छह टीमें, 22 ट्रैप कैमरे लगे
डीएफओ सितांशु पांडेय ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए दुधवा नेशनल पार्क से बुलाई गई दो ट्रेंड हथिनी सुलोचना व डायना पहुंच गई हैं। शुक्रवार से दोनों हथिनी, बाघ को पकड़ने के लिए वन टीम के साथ कॉम्बिंग करेंगी। क्षेत्र में दो जगहों पर मचान बनाए गए हैं। इससे वन कर्मी निगरानी कर रहे है। 22 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। छह टीम, एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम समेत करीब 30 अधिकारी लगे हैं। कानपुर, लखनऊ व पीलीभीत के टाइगर एक्सपर्ट की टीम भी लगी हैं।
आमोठिया गांव के पास भी मिली बाघ की हलचल
काकोरी के आमोठिया गांव के पास तालाब किनारे भी बृहस्पतिवार की शाम बाघ की हलचल मिली। ग्रामीणों ने पगचिह्न देखे तो वन विभाग को सूचित किया। वन विभाग व डब्ल्यूटीआई टीम भी पहुंची और जांच की। वन विभाग ने बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा भी लगाया, जिसमें पड़वा बांधा गया है।