घोटाले की आशंका, इस्माइलगंज वार्ड का मामला
पीडब्लूडी के बाद अब नगर निगम ने निकाला टेंडर
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। एक ही सड़क के टेंडर दो अलग-अलग विभागों ने निकाले हैं। लेकिन सड़क एक बार भी नहीं बनी। स्थानीय लोग जर्जर सड़क से ही गुजरने को मजबूर हैं। ऐसे में दो बार टेंडर निकाले जाने के पीछे अफसरों की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। घोटाले की आशंका जताई जा रही है।
मामला इस्माइलगंज वार्ड का है। वार्ड के तहत फैजाबाद मार्ग से रजत डिग्री कॉलेज मार्ग तक एवं डीके मैरिज लॉन से अजयनगर होते हुए हनुमान मार्केट तक सड़क के पैच मरम्मत कार्य से जुड़ा हुआ है। दरअसल, उपरोक्त सड़क की मरम्मत के लिए गत वर्ष नवंबर में लोक निर्माण विभाग पीडब्लूडी की ओर से टेंडर प्रकाशित किया गया था। इसमें हनुमान तिराहे से डीके मैरिज लॉन तक एवं फैजाबाद मार्ग से रजत डिग्री कॉलेज के उपरोक्त सड़क के मरम्मत कार्य के टेंडर निकाले गए थे। दोनों टेंडर क्रमशः 32.90 लाख एवं 33.15 लाख रुपये के थे। जिनकी कुल अनुमानित लागत 66.05 लाख रुपये थी। सड़क की मरम्मत टेंडर निकालने के बाद नहीं हुई। वहीं बीती 16 जनवरी को लखनऊ नगर निगम की ओर से उपरोक्त सड़क का टेंडर निकाला गया। इसकी अनुमानित लागत 8.41 लाख बताई जा रही है। अब खास बात यह है कि पीडब्लूडी व नगर निगम ने इस सड़क के पैच वर्क के लिए टेंडर तो निकाल दिए, लेकिन सड़क मरम्मत कार्य एक बार भी नहीं हुई। सड़क का हाल जस का तस है। इससे आने-जाने वालों के लिए दिक्कतें बनी हुई हैं।
घोटाले की आशंका
पीडब्लूडी ने नवंबर में जिस सड़क की मरम्मत के लिए टेंडर निकाला था, लेकिन सड़क नहीं बनवाई गई। जनवरी में उसी सड़क के लिए नगर निगम को टेंडर निकालने की आवश्यकता पर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों की मानें तो अफसरों ने घोटाले के लिए ऐसा किया। हालांकि यह जांच का विषय है।
आधिकारिक वर्जन
पीडब्लूडी की ओर से इस्माइलगंज वार्ड की सड़क की मरम्म्त के लिए टेंडर निकाला गया था। इसकी जांच की जाएगी। जांच के बाद ही सड़क निर्माण से जुड़े टेंडर पर कार्रवाई होगी।
-महेश वर्मा, मुख्य अभियंता, नगर निगम