पोषाहार आपूर्ति से पंजीरी कंपनियों का एकाधिकार खत्म करने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके तहत बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने पोषाहार आपूर्ति के टेंडर का नया मसौदा तैयार कर लिया है। इसमें पंजीरी कंपनियों से 18 जिलों का काम हटा लिया गया है।
इनसे अब सिर्फ 57 जिलों में ही पोषाहार की आपूर्ति ली जाएगी। वर्ष 2018 में दो साल के लिए टेंडर हुआ था, जिसमें 75 जिलों में पंजीरी आपूर्ति का काम 14 कंपनियों को दिया गया। इस टेंडर की अवधि इस साल अप्रैल में समाप्त हो गई थी।
नया टेंडर न होने की वजह से सरकार ने पुराने टेंडर की अवधि को चार महीने के लिए बढ़ा दिया था, जो अगस्त में ही पूरा हो रहा है। इसके मद्देनजर विभाग ने नए टेंडर का मसौदा तैयार कर लिया है। इसका विज्ञापन भी जारी कर दिया गया है।
पुराने की तुलना में नए टेंडर में कई नई शर्तों को शामिल किया गया है। टेंडर में वही फर्म भाग ले सकेंगी, जो पंजीरी की मूल उत्पादक या निर्माता होंगी। ठेकेदार व्यापारी, बिचौलिया वितरक, डीलर या एजेंट को टेंडर की पात्रता से बाहर कर दिया गया है।