फर्जी पासपोर्ट और दस्तावेजों के भारत आकर सेना की खुफिया जानकारी जुटाने वाले दो पाकिस्तानी जासूसों अदील अंजुम और अब्दुल शकूर को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।
विशेष न्यायाधीश पद्माकर मणि त्रिपाठी ने अंजुम पर 14 हजार और शकूर पर 47 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पाकिस्तान के मुल्तान के रहने वाले दोनों जासूसों को वर्ष 2006 में लखनऊ से गिरफ्तार किया गया था।
जिला जेल में लगी अदालत में सरकारी वकील एमके सिंह ने बताया कि एसटीएफ के तत्कालीन एएसपी विजय भूषण ने कैसरबाग थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि कुछ पाकिस्तानी जासूस यूपी में घुस आए हैं और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं।
ये बरामदगी
अदील अंजुम : कटार, फर्जी पासपोर्ट, डायनमिक इंजीनियरिंग वर्क्स, गुजरात के श्रद्धा सोसाइटी से जारी अनुभव पत्र, फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस, फर्जी पैन कार्ड तथा अन्य गोपनीय दस्तावेज।
अब्दुल शकूर : फर्जी पासपोर्ट, दो ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट अधिकारी को संबोधित शपथ पत्र, राशन कार्ड तथा सैन्य दस्तावेजों की फोटोकॉपी।