केंद्र सरकार ने भी शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर जुर्माने की रकम पांच गुना बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने मोटर व्हिकल एक्ट में संशोधन कर दिया है।
शराब पीकर गाड़ी चलाते हुए पकड़े जाने पर अब दो हजार रुपये के स्थान पर दस हजार रुपये का जुर्माना देना पड़ेगा। शराब पीकर गाड़ी चलाने से हादसे में अगर किसी व्यक्ति की मौत होती है तो ड्राइवर को दस साल तक की कैद का प्रावधान किया गया है।
यूपी में भी शराब बंदी लागू करने को लेकर हंगामा शुरू हो गया है। कई जिलों में महिलाओं ने रविवार को प्रदर्शन किया है और शराब पर पूर्ण पाबंदी लगाने की मांग की है। वहीं, इन सबके बीच सरकार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाईवे के नजदीक से बंद हुए शराब ठेकों से हो रहे राजस्व हानि की चिंता सताने लगी है।
सरकार हाईवे के किनारे बंद हुई साढ़े आठ हजार शराब की दुकानों के बंद होने से राजस्व हानि के आंकलन में जुट गई है। हालांकि इसमें से 5334 दुकानदारों ने हाईवे से पांच सौ मीटर दूर दुकानें शिफ्ट कर दी हैं। लेकिन इससे राजस्व की भरपाई हो पाना मुश्किल नजर आ रहा है।
राजस्व हानि के आंकलन में जुटी सरकार
आबकारी आयुक्त ने दुकानों के बंद होने से राजस्व हानि की रिपोर्ट जिला आबकारी अधिकारियों से मांगी है। ताकि पता चल सके कि राजस्व हानि की भरपाई किस तरह की जाएगी।
आबकारी आयुक्त मृत्युंजय नारायण ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए रणनीति बनाई जा रही है। हाईवे के किनारे से 5334 दुकानें दूसरे स्थानों पर शिफ्ट कर दी गई हैं जबकि 3231 दुकानों को सील किया गया है।
जो दुकानें स्थानांतरित की गई हैं वह अच्छी लोकेशन पर थीं। लेकिन जहां शिफ्ट हुई हैं वहां पहले से ही मदिरा की दुकानें हैं। ऐसे में ग्राहक वही होंगे जिससे निर्धारित राजस्व की प्राप्ति हो पाना मुश्किल है।
तलाशे जा रहे भरपाई के रास्ते
डेमो पिक
जल्द ही आबकारी विभाग इस संबंध में बैठक करके राजस्व भरपाई के रास्ते तलाशेगा। इस क्रम में हरियाणा से आने वाली शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना विभाग का पहला लक्ष्य है ताकि यूपी में शराब की खपत बढ़ सके।
इसके अलावा अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के लिए और सतर्कता बढ़ाई जा रही है। अवैध शराब का कारोबार रोकने के लिए पुलिस विभाग के साथ मिलकर अभियान चलाया जाएगा। हाईवे पर पड़ने वाले ढाबे और रेस्टोरेंट पर भी नजर रखी जाएगी।