तपन के साथ लू अभी बेहाल करती रहेगी। हालांकि, गर्मी से झुलस रहे प्रदेशवासियों के लिए पिछले 24 घंटे की मानसूनी मूवमेंट ने राहत की आस बंधाई है।
मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार शाम तक मानसून की नार्दन-ईस्ट लिमिट बिहार के सीमावर्ती इलाकों तक मापी गई।
मानसून के मूवमेंट से प्रदेश के वायुमंडल में बढ़े आर्द्रता स्तर से प्रदेशवासी 45 से 48 डिग्री सेल्सियस के तापमान में तपने के साथ ही उमस से परेशान रहे।
500-600 किमी. की दूरी पर मानसून
36 घंटों के दौरान प्रदेश में दोबारा सक्रिय हुई गर्म हवाओं के चलते अधिकांश इलाकों में दिन के पारे ने 4 से 7 डिग्री की छलांग लगाई। प्रदेश से मानसून लगभग 500-600 किमी. की दूरी पर है। बुधवार को प्रदेश में बांदा 47.6 और इलाहाबाद 47.3 डिग्री सेल्सियस केसाथ सबसे गर्म रहे।
सुल्तानपुर, फुर्सतगंज, झांसी, चुर्क, कानपुर शहर, इटावा, फतेहगढ़, उरई, आगरा व अलीगढ़ में दिन का अधिकतम तापमान 45 से 47 डिग्री के बीच रिकॉर्ड हुआ।
झांसी, इटावा, फतेहगढ़ व आगरा में यह 46 डिग्री के ऊपर दर्ज हुआ। पूरे प्रदेश में दोपहर से शाम तक 15 से 24 कि मी. प्रति घंटे की रफ्तार से चली अंधड़ व लू ने राहगीरों को झुलसाया। इसने राजधानी लखनऊ को भी तपाया। यहां दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से पांच अधिक 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
मानसून की नार्दन-ईस्ट लिमिट में दस्तक
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जेपी गुप्त ने बताया कि फिलहाल प्रदेश में गर्म हवाएं सक्रिय हैं और तपन के साथ लू अभी बेहाल करती रहेगी।
मानसून की नार्दन-ईस्ट लिमिट भले ही बिहार केसीमावर्ती इलाकों में दस्तक दे रही हो।
लेकिन अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मानसून से पहले की बारिश की कोई संभावना नहीं है। पुरवा हवाओं से उमस बढ़ रही है।