तेजस्वी ने कहा कि उनकी लड़ाई मोदी को हटाने या हराने की नहीं है। उनसे कोई नफरत या गुस्सा नहीं है। यह एक विचारधारा की लड़ाई है। मोदी से पहले भी लालू प्रसाद यादव बीजेपी व आरएसएस का विरोध करते रहे हैं।
राजद नेता ने कहा कि संवैधानिक संस्थानों की प्रतिष्ठा गिराई जा रही है। देश में यह पहली बार हुआ जब आरबीआई गवर्नर ने इस्तीफा दिया। सीबीआई को तोता कहा जा चुका है। मायावती और अखिलेश के बीच गठबंधन के बारे में जैसे पता चला, छापेमारी शुरू हो गई।
उन्होंने कहा, लालू बीजेपी के सामने नहीं झुके, इसलिए जेल में हैं। मेरे ऊपर तब के मामले में एफआईआर दर्ज करा दी गई थी जब मूंछें भी नहीं आई थीं। इसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का योगदान था।
सांप्रदायिक व संकीर्ण ताकतों का सत्ता से दूर रहना जरूरी : मायावती
तेजस्वी से मुलाकात के बाद मायावती ने मीडिया से बातचीत में कहा कि देश में लोकतंत्र की नींव मजबूत होनी चाहिए। संकीर्ण, सांप्रदायिक और जातिवादी ताकतों का कमजोर होना और सत्ता से दूर रहना आवश्यक है। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के साथ द्वेषपूर्ण ज्यादती की जा रही है।
मायावती व तेजस्वी यादव।
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लोकसभा चुनाव से पहले बसपा और राष्ट्रीय जनता दल के बीच बिहार में गठबंधन होने के आसार हैं। बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राजद के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने रविवार रात बसपा सुप्रीमो मायावती से उनके आवास पर लंबी बातचीत की। बिहार में बसपा और राजद के गठबंधन को लेकर भी चर्चा हुई।
सूत्रों के मुताबिक राजद बिहार में मायावती से कुछ सीटों पर समझौता कर यूपी में अपना खाता खोलना चाहता है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने गठबंधन के संकेत भी दिए। बिहार में राजद और बसपा गठबंधन के सवाल पर मायावती ने कहा कि सभी चीजें आज ही बता देंगे क्या, समय आने पर सभी चीजों का खुलासा हो जाएगा।