लखनऊ। गोरखपुर की 15 वर्षीय किशोरी डेढ़ साल से असहनीय दर्द और सूजन से जूझ रही थी। दाहिने हाथ में इतना दर्द था कि हल्का स्पर्श भी तकलीफ बढ़ा देता था। कई बड़े निजी अस्पतालों में इलाज पर परिवार ने चार से पांच लाख रुपये खर्च किए, लेकिन राहत नहीं मिली। आखिरकार परिजन उसे केजीएमयू लेकर पहुंचे, जहां करीब एक हजार रुपये के इलाज में उसे दर्द से छुटकारा मिल गया।
दुर्लभ बीमारी ''कांप्लेक्स रीजनल पेन सिंड्रोम'' (सीआरपीएस) से पीड़ित किशोरी का इलाज केजीएमयू के पीएमआर विभाग में किया गया। विभाग की डॉ. आराधना शुक्ला ने बताया कि दवाओं के साथ सोनोग्राफी की मदद से पेरिफेरल नर्व ब्लॉक प्रक्रिया अपनाई गई। हाथ की तीन प्रमुख नसों को ब्लॉक करने के कुछ ही मिनट बाद दर्द कम होने लगा। लगातार उपचार और निगरानी के बाद किशोरी पूरी तरह स्वस्थ हो गई है।