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Lucknow News: दिल की बीमारी से किशोर की मौत, बुखार से बुजुर्ग ने भी दम तोड़ा

Thu, 12 Dec 2024 12:30 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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रायबरेली। तापमान में गिरावट आना शुरू हो गई है। ठंड मरीजों को झटका दे रही है। चपेट में बच्चे और किशोर ज्यादा आ रहे हैं। ठंड के कारण दिल की समस्या होने पर जिला अस्पताल में भर्ती किशोर की मौत हो गई। बुधवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे बुखार, डायरिया व अन्य बीमारियों के 10 बच्चों समेत 17 मरीजों को भर्ती किया गया। बुखार से हालत बिगड़ने के बाद भर्ती बुजुर्ग की मौत हो गई।
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भदोखर क्षेत्र के पकरा गिरिफ्ता निवासी राजन (16) पुत्र रमई को दिल और फेफड़े में दिक्कत होने के बाद बीती चार दिसंबर को जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। कई दिनों तक इलाज के बाद बुधवार को किशोर की मौत हो गई। इसके अलावा हरचंदपुर क्षेत्र के पूरे लखन निवासी राम अभिलाष (76) की भी मौत हो गई। राम अभिलाष को बुखार सहित अन्य समस्या के बाद गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार को बुखार व डायरिया के चपेट में आने के बाद अमल (12), शुभम (10), आयुष (1), सृष्टि (6), अबी (9), एकता (3), राखी (10), सुमन (12), श्रेया (5), आदर्श (11) समेत 17 मरीजों को भर्ती कराया गया।

बुधवार को को ओपीडी में भी 1900 से अधिक मरीज विभिन्न बीमारियों का इलाज कराने पहुंचे। मेडिसन विभाग की ओपीडी पांच सौ से अधिक मरीज इलाज कराने पहुंचे। सबसे ज्यादा सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार व सांस की समस्या वाले रहे। करीब 20 से 25 मरीज सीने में परेशानी वाले पहुंचे। ठंड बढ़ने के बाद मेडिसिन विभाग में मरीजों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है।
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ठंड में सावधानी बरतें दिल के रोगी : डॉ. गौरव
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. गौरव त्रिवेदी का कहना है कि सर्दी में रक्त वाहिनियों संकरी हो जाती हैं। ब्लड प्रेशर सामान्य से कुछ ज्यादा रहता है, जो मरीजों के लिए परेशानी की वजह बनता है। ऐसे रोगियों को घबराहट, हाई ब्लड प्रेशर, सीने में दर्द, जकड़न, सांस फूलना, अचानक पसीना आना और फिर ठंड लगने की दिक्कत होती है। इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तत्काल चिकित्सक की सलाह के अनुसार इलाज कराएं। ठंड को देखते दिल के मरीजों को विशेष सावधानी की जरूरत होती है। नियमित अपनी दवाओं का सेवन करें। समय-समय पर चेकअप कराएं। सुबह और शाम के समय से बाहर निकलने से बचें। बताया कि इमरजेंसी के साथ ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है।
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