लखनऊ। पारा पुलिस की लापरवाही और शोहदे की हरकतों से तंग आकर 12 वर्ष की किशोरी ने रविवार शाम घर में फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की। गनीमत रही कि उसकी जान बच गई। मामले में तूल पकड़ा तो पारा पुलिस हरकत में आई और आरोपी आकाश के खिलाफ छेड़छाड़ व धमकाने का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया।
बचपन से मौसा-मौसी के पास रहने वाली छात्रा इंटर कॉलेज में कक्षा-6 की पढ़ाई कर रही है। आरोप है कि किराये के मकान में रहने वाला ई रिक्शा चालक आकाश स्कूल आते-जाते उससे छेड़छाड़ करता था। शुरुआत में छात्रा ने नजरअंदाज किया, लेकिन जब उसकी हरकतें बढ़ीं तो परिजनों को पूरी बात बताई। मौसा ने बताया कि आकाश का दुस्साहस इतना बढ़ गया कि मजबूरी में तीन महीने पहले छात्रा की पढ़ाई तक बंद करवा दी। एक माह पूर्व वह उनके घर में घुस आया और छात्रा का मुंह दबाकर मारने व शव वॉशिंग मशीन में डालने की धमकी दी।
पुलिस ने सिर्फ हिदायत देकर छोड़ दिया था
परिजनों का आरोप है कि पारा पुलिस से लिखित शिकायत की, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और आकाश को सिर्फ हिदायत देकर छोड़ दिया। इससे उसका दुस्साहस बढ़ गया और वह साथियों के साथ छात्रा के घर तक पहुंच गया और उसे साथ भेजने का परिवार के लोगों पर दबाव बनाने लगा।
कमरा बंद कर लगाया फंदा
आकाश रविवार को फिर छात्रा के घर के सामने आकर गाली-गलौज करने लगा। यह देख छात्रा दहशत में आ गई। वह कमरे का दरवाजा बंद कर पंखे से दुपट्टे के सहारे फंदा लगाने लगी। इस बीच मौसी की नजर पड़ी तो उन्होंने शोर मचा दिया। शोर सुनकर मोहल्ले का युवक छत के रास्ते घर में आया और छात्रा को फंदे से उतारा। उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी जान बचा ली। घटना के बाद हरकत में आई पुलिस ने मौसा की तहरीर पर छेड़छाड़ व धमकाने की एफआईआर दर्ज कर आरोपी आकाश को गिरफ्तार किया। इंस्पेक्टर सुरेश सिंह का कहना है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।