लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेज के शिक्षकों को अब कॉपी जांचने के लिए लंबी दौड़ नहीं लगानी होगी। अगले सत्र से शिक्षक उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ऑनलाइन कर सकेंगे। इसके लिए लविवि डिजिटल मूल्यांकन की सुविधा शुरू करने जा रहा है। लविवि में मंगलवार को कुलपति की लखनऊ यूनिवर्सिटी एसोसिएट कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (लुआक्टा) के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।
लविवि कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने बताया कि डिजिटल मूल्यांकन की व्यवस्था शुरू होने पर कॉपियों को स्कैन किया जाएगा। इससे न तो कॉपियों को एक से दूसरे स्थान ले जाना पड़ेगा और ना ही शिक्षकों को मूल्यांकन केंद्र तक दौड़ लगानी होगी। ऐसा होने पर शिक्षकों का समय बचेगा और विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी। इसकी विशेषता यह भी होगी कि मूल्यांकन करते ही शिक्षकों के खाते में पोर्टल के माध्यम से पारिश्रमिक भी आ जाएगा। बैठक में लुआक्टा के अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय, महामंत्री डॉ. अंशु केडिया सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
स्थापित होगी खेल परिषद
कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने बताया कि विश्वविद्यालय जल्द ही एक खेल परिषद का गठन करेगा। इस परिषद का उद्देश्य खेल गतिविधियों को संस्थागत रूप देना और छात्रों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करना होगा।
पार्ट टाइम पीएचडी कर सकेंगे कॉलेज के शिक्षक
बैठक में निर्णय लिया गया कि अगले सत्र से संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों को अंशकालिक पीएचडी करने की अनुमति दी जाएगी। संबद्ध महाविद्यालयों को शोध केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। इसके मानक निर्धारण के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। इससे महाविद्यालय भी शैक्षणिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे।