यूपी के 331 एडेड डिग्री कालेजों के अनुमोदित अध्यापकों की अपने विनियमितीकरण की मांग को लेकर धरना एवं क्रमिक भूख हड़ताल 43वें दिन भी जारी रही।
इसके बावजूद, सरकार का कोई भी प्रतिनिधि इनकी सुधि लेने नही आया।
संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. केएस पाठक ने कहा कि विनियमितीकरण का वादा न पूरा करने से नाराज पूरे प्रदेश के डिग्री शिक्षकों ने दिपावली न मनाने का ऐलान किया है।
डॉ. पाठक ने कहा कि गैर बराबरी एवं अन्याय के खिलाफ संघर्ष का नारा देने वाली समाजवादी सरकार स्वयं एक ही व्यवस्था में दो तरह का आचरण कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही महाविद्यालय में समान योग्यताधारी अध्यापक अलग-अलग वेतनमान पर कार्यरत हैं। जहां एक तरफ एक अध्यापक एक लाख रूपये वेतन पाता है, वहीं दूसरी तरफ समान योग्यताधारी अध्यापक पांच से दस हजार रूपये पर कार्य करने को विवश हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे अध्यापकों की कौन-सी दीपावली होगी, यह समझ से परे है।
प्रदेश संयोजक डॉ. नन्दू सिंह ने कहा कि सरकार को यदि अध्यापकों की दीपावली का ध्यान देना है तो अविलम्ब अध्यापकों की बात मान लेनी चाहिए।