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शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी रोकने की 'खास तैयारी'

Sun, 20 Jul 2014 11:29 AM IST
शैलेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
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सरकारी स्कूलों के बाद अब सहायता प्राप्त स्कूलों की भर्ती प्रक्रिया भी ऑनलाइन करने की तैयारी है। स्कूल प्रबंधन रिक्त पदों के लिए जो भी विज्ञापन अखबारों में प्रकाशित कराएगा उसे शिक्षा विभाग के सरकारी वेबसाइट पर डलवाना होगा।
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माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए अलग से वेबसाइट http://schools.rmsa-up.in तैयार कराया है।

इसकी खास बात यह है कि इसमें सरकारी, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन स्कूलों का पूरा ब्यौरा एक क्लिक पर मिल जाएगा।

इसका ट्रायल शुरू हो गया है। जल्द इसे पूरी तरह शुरू करने की तैयारी है। विभाग का मानना है कि ऑनलाइन ब्यौरा होने के बाद गड़बड़ी की आशंका कम हो जाएगी।
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अधिकारी नहीं होने देते भर्ती

प्रदेश में सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल 6,234 हैं। इसमें राजकीय इंटर कॉलेज 1,608 और सहायता प्राप्त 4,626 हैं।

सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में संबद्ध प्राइमरी अनुभाग कक्षा 1 से 8 तक बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों को रखने का अधिकार स्कूल प्रबंधन के पास होता है।

स्कूल प्रबंधन नियमों के मुताबिक भर्ती यदि करना चाहता है तो जिला विद्यालय निरीक्षक इसमें खामियां निकाल कर भर्तियां रोकने का प्रयास करते हैं।

कभी-कभार तो यह भी होता है कि एक अधिकारी भर्तियों को अनुमोदित करके जाता है और दूसरा आकर उसे गलत बता देता है। भर्तियों में धांधली की शिकायतें भी मिलती हैं।
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पूरा ब्यौरा मिलेगा साइट पर


माध्यमिक शिक्षा विभाग चाहता है कि सहायता प्राप्त संबद्ध विद्यालयों में भर्ती की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी जाए। स्कूल प्रबंधन भर्ती के लिए जो भी विज्ञापन निकालेगा उसे सरकारी वेबसाइट पर डाला जाएगा। आवेदनों की संख्या, साक्षात्कार की तिथि, चयन के बाद शिक्षकों व कर्मचारियों का ब्यौरा साइट पर डाला जाएगा।

स्कूल--संख्या--कार्यरत
सरकारी--1,608--13,072
एडेड--4,626--1,07,726
वित्तविहीन--21,973--2,53,138

माध्यमि‌क शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिह सहायता प्राप्त संबद्ध प्राइमरी स्कूलों में भर्ती की गड़बड़ी रोकने के लिए पूरा ब्यौरा ऑनलाइन कराने की तैयारी है। इससे गड़बड़ी रुकने के साथ इनमें कार्यरत शिक्षकों व कर्मचारियों को परेशान नहीं किया जा सकेगा।
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