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यूपी के मंत्रियों ने शिक्षक दिवस पर लगा दी शिक्षकों की क्लास

Sat, 05 Sep 2015 08:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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शिक्षक दिवस के मौके पर शिक्षा विभाग के बेसिक व माध्यमिक शिक्षा मंत्रियों ने शिक्षकों को खूब खरी-खोटी सुनाई। दोनों ने ही शिक्षकों को आईना दिखाते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर आज कहां से कहां पहुंच गया है।
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किसी भी कंपटीशन का रिजल्ट उठाकर देख लीजिए हकीकत का अंदाजा हो जाएगा। मंत्रियों ने कहा कि अपने दिलों में झांककर देखिए क्या आप हिन्दुस्तान के भविष्य के साथ न्याय कर रहे हैं।

मौका था राज्य अध्यापक पुरस्कार-अलंकरण समारोह का। राजधानी के रानी लक्ष्मीबाई मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

इसमें माध्यमिक शिक्षा के आठ व बेसिक शिक्षा के 16 शिक्षकों को राज्य पुरस्कार से नवाजा गया। इन्हें 25-25 हजार रुपये नगद, अंगवस्त्र व मेडल प्रदान किया गया। पुरस्कार पाने वाले सभी शिक्षक परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा भी कर सकेंगे।
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इस मौके पर बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने कहा कि आज का दिन हमें चिंतन करने का दिन है। पिछले एक साल में हमने क्या किया है और आगामी एक साल में हम क्या करेंगे। शिक्षा के गिरते स्तर पर केवल मंत्रियों व अधिकारियों को ही चिंता नहीं है, इस पर आप लोगों को भी चिंता होनी चाहिए।

शिक्षकों को जो चाहिए सरकार दे रही हैं

उन्होंने कहा कि आज गुरुजनों को खुद अपने ज्ञान पर विश्वास नहीं है। इसलिए वह अपने बच्चे-बच्चियों को अपने स्कूलों में ही नहीं पढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी चाहे महबूब अली हों या फिर मैं या प्रमुख सचिव जितेन्द्र कुमार सभी सरकारी स्कूलों में ही पढ़े हैं। लेकिन आज सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है।

दुनिया के टॉप विश्वविद्यालयों में देश का एक भी न होना कितने दुर्भाग्य की बात है। इस पर गुरुजनों को भी विचार करना चाहिए। समाज को बनाने व बिगाड़ने का काम केवल शिक्षा विभाग ही कर सकता है। आज जो अच्छा है वह गुरुओं की देन है और जो खराब है वह भी गुरुओं की ही देन है।

उन्होंने कहा कि आपको जो चाहिए होता है सरकार उसे देती है। यह सरकार तो वैसे भी शिक्षकों की हितैषी है।

लेकिन हमें दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि सरकारी शिक्षा से लोगों का विश्वास उठ गया है। इस विश्वास को फिर से कायम करने की जरूरत है। अंत में उन्होंने गुरुजनों से यह कहते हुए माफी मांगी यदि उनकी कोई बात बुरी लगी हो तो उसके लिए माफ कर दीजिए।

सरकार आपका ख्याल रखती है आप बच्चों का ख्याल रखें

माध्यमिक शिक्षा मंत्री महबूब अली ने कहा कि सरकार आपका ख्याल रखती है और आपको कल के भविष्य बच्चों का ख्याल रखना चाहिए। शिक्षक समय पर स्कूल नहीं जाते हैं। कक्षाओं में पढ़ाते नहीं हैं। यही वजह है कि शिक्षकों व छात्रों के बीच का फासला भी काफी बढ़ गया है।

उन्होंने कहा कि यदि गुरु महसूस कर ले कि कुछ कमियां चल रही हैं तो वह दिन दूर नहीं जब शिक्षा में सब सुधर जाएगा। यदि शिक्षक समय पर स्कूलों में पहुंच जाएं और पढ़ाने लग जाएं तो स्थिति काफी ठीक हो जाएगी। शिक्षकों को यह सोचना चाहिए कि सरकार क्या चाहती है।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों का छात्रों के बीच पहले के जमाने में जो भय हुआ करता था वह आज खत्म हो गया है। अंत में उन्होंने कहा कि वह यह सब बात किसी का दिल दुखाने के लिए नहीं बल्कि स्थिति में सुधार लाने के लिए कह रहे हैं। मंत्री ने कहा कि उनकी इच्छा तो सभी को पुरस्कार बांटने की थी लेकिन जिन्होंने औरों से अलग कुछ अच्छा काम किया है उन्हें ही पुरस्कार दिया जाता है।

इससे पहले बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि वे भी सरकारी स्कूल में पेड़ के नीचे पढ़े हैं। लकिन आज स्तर इतना खराब क्यों हुआ इस पर सोचना होगा। सरकारी स्कूलों पर आज हो उंगलियां उठ रही हैं उस पर चिंतन करना होगा। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री वसीम अहमद ने कहा कि आज बहुत से शिक्षक अपने दायित्व से भटक गए हैं। जिन्हें सम्मान दिया जा रहा है उन्होंने जरूर अपने दायित्व को निभाया है।

शिक्षा की गुणवत्ता कर करिए काम

प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेन्द्र कुमार ने कहा कि शिक्षकों को अब शिक्षा की गुणवत्ता पर भी काम करना चाहिए। इसी के अनुसार स्कूलों में पढ़ाई कराई जाए। शिक्षकों को पाठ्यक्रम का कैलेंडर तैयार करना चाहिए।

बच्चों के अभिभावकों को स्कूलों से जोड़ा जाना चाहिए। स्कूलों के पूर्व छात्रों को भी जोड़ने की सलाह दी। शिक्षक समय-समय पर अभिभावकों को उनके बच्चों का फीडबैक जरूर दें। बच्चों की डायरी भी बनवाएं और उसमें नियमित लिखें।

उन्होंने शिक्षकों से कहा कि आराम तलबी से बाहर आकर काम करना होगा तभी अच्छे परिणाम सामने आएंगे। कार्यक्रम में शिक्षा निदेशक अमर नाथ वर्मा, अवध नरेश शर्मा, सर्वेन्द्र विक्रम सिंह, विकास श्रीवास्तव, केके गुप्ता व उमेश त्रिपाठी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

इन्हें मिला पुरस्कार
माध्यमिक शिक्षा
सैय्यद खुर्शीद हैदर, अमरोहा
चन्द्रभानु सिंह, गोंडा
उमेश कुमार सिंह, वाराणसी
गुलाम मोहम्मद, मेरठ

वीरभान सिंह, अमरोहा
मधु बाला त्यागी, मुरादाबाद
रणजीय सिंह, जौनपुर
हरिओम मिश्रा, बरेली
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बेसिक शिक्षा में इन्हें मिला पुरस्कार

जान मोहम्मद, अंबेडकरनगर
अकबर सिंह यादव, सैफई इटावा
हेमचन्द्र सिंह, बरेली
ओम शर्मा, पीलीभीत

हारून अली, बागपत
रूश्दानाहीद, इलाहाबाद
रासमनि सिंह, आजमगढ़
श्यामपति देवी, गोरखपुर
जयपाल सिंह, सहारनपुर
गंगा देवी, सिद्धार्थनगर

जमालुद्दीन, अंबेडकरनगर
चन्द्रावती राय, बस्ती
शान्ती अकेला, रायबरेली
शारदा प्रताप सिंह, कुशीनगर
जबर सिंह यादव, सैफई इटावा

जब पुरस्कार पाने के बाद शिक्षक ने छुए मंत्री के पैर...
राष्ट्रीय इंटर कॉलेज जब्दा अमरोहा के प्रधानाचार्य वीरभान सिंह को जैसे ही राज्य पुरस्कार मिला उन्होंने तुरंत मंच पर मौजूद माध्यमिक शिक्षा मंत्री महबूब अली के पैर छुए। शिक्षक ने इसके बाद बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी के भी पैर छुए। यह शिक्षक उसी क्षेत्र के हैं जिस क्षेत्र से महबूब अली विधायक हैं।
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