लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में सख्ती के बाद भी शिक्षकों की लापरवाही दूर नहीं हुई है। मंगलवार को कुलपति के दूसरी बार निरीक्षण में उर्दू, अरबी और बीबीए विभाग में शिक्षक कक्षाओं से नदारद मिले। इस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए गैरहाजिर शिक्षक डॉ. अकमल और डॉ. अब्दुल हफीज से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।
निरीक्षण के दौरान कुछ शिक्षकों के कक्षों में विद्यार्थी बैठे मिले। पूछने पर विद्यार्थियों ने बताया कि वे शिक्षक का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें कक्षाओं में बैठकर पढ़ने के निर्देश दिए गए। कुलपति ने विभागों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति कम मिलने पर उनकी अनुपस्थिति की सूचना अभिभावकों को भेजने को कहा है, जबकि 75 प्रतिशत उपस्थिति पर ही परीक्षा में प्रवेश पत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं।
कुलपति के निरीक्षण में कक्षाओं में लगे स्मार्ट बोर्ड में बिजली का कनेक्शन नहीं मिला। इस पर उन्होंने नोडल सिविल व सहायक स्टोर कीपर पर कार्रवाई करने को कहा है। इसके साथ ही मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में आउटडेटेड सिलेबस पढ़ाने पर भी कुलपति ने नाराजगी जताई और अपडेटेड कोर्स पढ़ाने को कहा।