परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती का पैमाना बदलने जा रहा है। शिक्षकों की उपस्थिति और पढ़ाने के तरीके को मानक मानते हुए अब उन्हें तैनाती दी जाएगी। इसके लिए शासन स्तर पर मंथन चल रहा है।
इसके लिए शिक्षकों की पांच साल की कुंडली तैयार की जाएगी। मसलन शिक्षकों की स्कूल में उपस्थिति कितनी है, वह बच्चों को कैसी शिक्षा दे रहे हैं, बच्चों के प्रति उनका व्यवहार कैसा है।
इसके आधार पर ही शिक्षकों को तैनाती दी जाएगी। वहीं छात्र क्षमता से अधिक लगे शिक्षकों को हटाकर दूसरे स्कूलों में तैनाती दी जाएगी। बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन फिलहाल 1,54,272 प्राइमरी तथा 76,782 उच्च प्राइमरी स्कूल हैं।
प्राइमरी स्कूलों में 1,85,729 तथा उच्च प्राइमरी में 1,06,089 शिक्षक हैं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्राइमरी स्कूलों में 30 बच्चों पर एक और उच्च प्राइमरी में 35 बच्चों पर एक शिक्षक रखने की व्यवस्था है।
बेसिक शिक्षा परिषद हर साल शिक्षकों को पदोन्नति देने के साथ उनका तबादला भी जिला स्तर पर करती है। शिक्षकों के तबादले को लेकर अक्सर शिकायतें आती रहती हैं।
शासन स्तर पर यह मंथन चल रहा है कि शिक्षकों की तैनाती प्रक्रिया बदल दी जाए। सचिव बेसिक शिक्षा नीतीश्वर कुमार की अध्यक्षता में इस संबंध में बैठक हो चुकी है।
विचार-विमर्श के दौरान यह सुझाव आया है कि तबादले से पहले शिक्षकों की कार्यप्रणाली और उनकी उपस्थिति का अध्ययन जरूर कर लिया जाए। अच्छे आचरण वाले और अच्छी पढ़ाई कराने वाले शिक्षकों को ही अच्छी तैनाती दी जाए।
इस संबंध में शीघ्र ही आदेश जारी करने की तैयारी है। नई व्यवस्था नए शैक्षणिक सत्र यानी जुलाई से लागू करने की तैयारी है।