जनगणना में शिक्षकों की ड्यूटी, 50 हजार विद्यार्थियों की पढ़ाई पर संकट
लखनऊ। राजधानी सहित प्रदेश में जनगणना की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही शिक्षकों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। शिक्षकों का कहना है कि जनगणना में ड्यूटी लगने से राजधानी में करीब 50 हजार विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होगी। इस संबंध में शिक्षकों ने शासन को पत्र भेजकर उन्हें जनगणना कार्य से मुक्त किए जाने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रादेशिक मंत्री प्रभात कुमार सिंह ने बताया कि राजधानी में 155 से अधिक राजकीय एवं एडेड माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनकी शिक्षा की गुणवत्ता पर इसका सीधा असर पड़ेगा। माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी कार्य दिवसों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में भी लगाई जा रही है। इससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है और विद्यालयों की प्रवेश प्रक्रिया भी बाधित हो रही है। 22 मई से 30 जून के बीच जनगणना का अगला चरण प्रस्तावित है। इसी अवधि में माध्यमिक विद्यालयों का 40 दिन का ग्रीष्मावकाश भी होता है। ऐसे में पूरा अवकाश जनगणना कार्य में व्यतीत हो जाएगा।