फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिक्षक भर्ती घोटाले की जड़ तक पहुंचना एसटीएफ के लिए होगी चुनौती, शासन के निर्देश पर शुरू की जांच

Thu, 11 Jun 2020 10:03 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
विज्ञापन
फाइल फोटो
विज्ञापन
सरकार की फजीहत का सबब बनी 69000 शिक्षक भर्ती की जांच एसटीएफ के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगी। इस मामले में प्रयागराज पुलिस द्वारा जो गिरफ्तारियां की गई हैं उनसे नकल माफियाओं का पुराना नेक्सस सामने आ रहा है।  
विज्ञापन


शासन के निर्देश पर यूपी एसटीएफ ने बुधवार को मामले की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों का कहना है कि एसटीएफ की प्रयागराज की यूनिट के साथ लखनऊ मुख्यालय की एक यूनिट को इस घोटाले के खुलासे के लिए लगाया जा रहा है। 

पता यह भी किया ज रहा है कि 6 जनवरी 2019 को हुई परीक्षा के दौरान आखिर कैसे प्रयागराज के इस स्कूल का इनपुट हाथ नहीं लग सका। जबकि प्रयागराज में ही अन्य क्षेत्रों से साल्वर गैंग के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। 
विज्ञापन


ऐसे में केएल पटेल जो पूर्व में भी नक़ल माफियाओं के साथ गठजोड़ में गिरफ्तार हो चुका था, वह कैसे बच गया? एसटीएफ के रडार पर कुछ पुराने शिक्षा माफिया भी हैं। 
 
विज्ञापन

एसटीएफ यह पता लगाएगी कि आखिर चूक किस स्तर पर हुई जिससे जालसाज आसानी से न सिर्फ नकल कराने में कामयाब हो गए बल्कि हर स्तर पर होने वाली स्क्रूटनी से बच गए। इसमें स्कूल प्रबंधन के अलावा किन किन लोगों की भूमिका रही, इसका भी पता लगाया जाएगा।

लखनऊ में गिरफ्तार हुए सिपाही पर भी नजर
शिक्षक भर्ती परीक्षा के दौरान लखनऊ में गिरफ्तार यूपी पुलिस के सिपाही अरुण पर भी एसटीएफ की नजर है। वह मेरठ में भूगर्भ जल अधिकारी के पद पर तैनात अजय कुमार सिंह के साथ मिलकर प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कराने और संबंधित परीक्षा में चयन कराने का ठेका लेते थे। 

एसटीएफ ने उस वक्त नेशनल इंटर कालेज के प्रधानाचार्य उमाशंकर सिंह को भी गिरफ्तार किया था। शिक्षक भर्ती घोटाले में इस गैंग का भी नेटवर्क दोबारा तलाशा जाएगा।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें