केंद्रीय विद्यालय गोमतीनगर के केमिस्ट्री टीचर रामचंदर तिवारी ने गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया। उसने घर ट्यूशन पढ़ने आने वाली इंटर की नाबालिग छात्रा से पहले तो दुष्कर्म किया और फिर जब वह गर्भवती हो गई तो पत्नी के साथ मिलकर उसका गर्भपात करा दिया।
इन सबमें रामचंदर का साथ दिया सीतापुर रोड स्थित विजय नर्सिंगहोम की डॉक्टर अक्सा सिद्दीकी और विजयश्री ने। इन दोनों डॉक्टरों ने सभी कानूनों को ताक पर रख छात्रा का अबॉर्शन किया। बाद में हालत बिगड़ने पर छात्रा ने परिवारीजनों को पूरा मामला बताया।
तब उसके पिता ने रविवार को गोमतीनगर थाना में रामचंदर, उसकी पत्नी अनीता, अबॉर्शन करने वाले दोनों डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया है। मूल रूप से रायबरेली का रहने वाला रामचंदर राजधानी में किराये का मकान लेकर रहता था।
गोमतीनगर एसओ मो. अब्बास ने बताया कि विनयखंड निवासी छात्रा के पिता ने रविवार शाम एएएपी ट्रांस गोमती दिनेश यादव से मिलकर टीचर रामचंदर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। एसओ ने बताया कि दुष्कर्म की घटना बीते वर्ष नवंबर की है।
उस दौरान आरोपी रामचंदर विवेकखंड में किराये का मकान लेकर रहता था। छात्रा उसके घर पर ट्यूशन पढ़ने आती थी। इसी दौरान रामचंदर ने यह शर्मनाक हरकत की। इसके बाद गर्भवती होने पर उसका ऑपरेशन करा दिया।
अधिक रक्तस्राव होने पर हुआ खुलासा
14 जनवरी को छात्रा को रक्तस्राव अधिक होने लगा तो उसने मां को आपबीती बताई जिससे मामला सामने आया। एसओ ने बताया कि परिवारीजन छात्रा को फिर से विजय नर्सिंगहोम ले गए और डॉक्टरों को दिखाया।
इसके बाद पुलिस से शिकायत की। एसओ ने बताया कि अस्पताल के रजिस्टर व अन्य दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। ये दस्तावेज एक नाबालिग के गर्भपात के अहम साक्ष्य हैं। इन्हें कोर्ट में बतौर साक्ष्य पेश किया जाएगा।
कलंक के चार खलनायक
टीचर रामचंदर तिवारी
घर पर ट्यूशन पढ़ने वाली छात्रा को बरगलाकर दुष्कर्म किया। छात्रा ने उसकी करतूत घरवालों को बताने की बात कही तो उसे बदनाम करने की धमकी दी। इस बीच, छात्रा को उल्टियां आने लगीं। टीचर को पता चला तो चुपचाप विजय नर्सिंग होम ले गया। टेस्ट में गर्भवती होने की पुष्टि हुई तो 10 जनवरी को वहीं पर गर्भपात करा दिया।
डॉ. अक्सा सिद्दीकी और डॉ. विजय श्री
इन्हीं दोनों डॉक्टरों ने छात्रा का गर्भपात किया। अस्पताल के रजिस्टर में मरीज की उम्र 17 साल लिखी गई है। यानी डॉक्टरों को यह मालूम था कि छात्रा नाबालिग है। यही नहीं, दोनों डॉक्टर यह भी जानतीं थीं कि गर्भपात कानूनन जुर्म है। इसके बावजूद यह शर्मनाक कृत्य किया।
छात्रा को बताया अपनी पत्नी
रामचंदर ने अस्पताल में छात्रा को अपनी पत्नी बताया था। अस्पताल के रजिस्टर में भी मरीज की जगह पर अनीता तिवारी लिखा है। इस दौरान रामचंदर की पत्नी अनीता खुद रिश्तेदार बनकर साथ में थी और छात्रा की देखभाल करती रही।
स्कूल प्रिंसिपल अरविंद गौड़ भी कम दोषी नहीं
एसओ मो. अब्बास ने बताया कि घरवालों ने इस पूरी घटना की जानकारी प्रिंसिपल अरविंद गौड़ को दी तो उन्होंने न तो रामचंदर पर कार्रवाई की और न ही पुलिस को सूचना। उल्टे रामचंदर को बचाते रहे और दोनों पक्ष में समझौता कराने की कोशिश करने लगे। एसओ ने कहा कि ऐसा करने वाले प्रिंसिपल भी दोषी हैं। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
टीचर निलंबित
मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद प्रिंसिपल अरविंद गौड़ ने रामचंदर को निलंबित कर दिया है। एसओ गोमतीनगर का कहना है कि रामचंदर की बर्खास्तगी के लिए स्कूल मैनेजमेंट को नोटिस भेजा जाएगा।
पत्नी बोली, मैं तो दूसरे कमरे में काम में व्यस्त रहती थी इसलिए पता ही नहीं चला।अनीता का कहना है कि उसके पति रामचंदर और छात्रा के बीच जो कुछ भी हुआ था, इसका उसे पता नहीं। उसने कहा कि रामचंदर जब ट्यूशन पढ़ाता था तो वह दूसरे कमरे में अपने काम में व्यस्त रहती थी।
जनवरी में जब छात्रा गर्भवती हुई, तब उसे सबकुछ पता चला। सवाल खड़े हो रहे हैं कि छात्रा के साथ दुष्कर्म हुआ तो बगल वाले कमरें में मौजूद अनीता को यह सब पता क्यों नहीं, या फिर वह कुछ छिपाना चाहती है।