आईटी कॉलेज की छात्रा सलमा खान और मदेहा बचपन की सहेलियां हैं। दोनों को तरह-तरह के व्यंजन बनाने और उन्हें लोगों के साथ साझा करने का शौक है। सलमा कहती है कि इंस्टाग्राम पेज के जरिये लोगों को लखनऊ के खानपान के बारे में जानकारी देती थी। साथ ही एनजीओ के साथ मिलकर दिव्यांग बच्चों के भोजन के साथ ही उनके लिए कॉपी, किताब और जरूरी सामान जुटाने का अभियान चलाती थी।
कोरोना संक्रमण के दौरान भोजन वितरण के दौरान ख्याल आया कि क्यों न उन लोगों को कुकिंग सिखाई जाए जो खाना बनाना नहीं जानते हैं। इसके लिए हमने इंस्टाग्राम पर अभियान शुरू किया और लोगों से कहा गया कि वे किचन में जाकर कुछ भी बनाएं और उसकी फोटो पेज पर पोस्ट करें। इस अभियान से काफी लोग जुड़े और फोटो पोस्ट की। इनमें से जिन्होंने खाना ठीक से नहीं बनाया था उन्हें खाना बनाने की बारीकियां सिखाई। अब वे बेहतर खाना बना लेते हैं।
नवयुग कन्या विद्यालय में होम साइंस की शिक्षिका डॉ. अंजू वार्ष्णेय की क्लास लॉकडाउन में एक नए अंदाज में चलती रही। इस क्लास में सीखने के लिए छात्रा होना जरूरी नहीं है। जरूरी है तो सिर्फ सीखने की ललक। असल में डॉ. अंजू व्हाट्सएप और यू-ट्यूब चैनल के माध्यम से लोगों को घर पर ही तरह-तरह की रेसिपी बनाना सिखा रही हैं।
उनके अनुसार लॉकडाउन के चलते सभी होटल और रेस्टोरेंट बंद थे। ऐसे में मैंने यू ट्यूब चैनल शुरू किया ताकि लोग घर पर ही तरह-तरह के व्यंजन बनाकर खा सकें। इस चैनल के माध्यम से में अपने स्टूडेंट और दोस्तों को हर तरह के व्यंजन बनाना सिखा रही हूं। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन से मैंने फेसबुक और व्हाट्सएप के माध्यम से रेसिपी बनाना सिखाना शुरू किया उसके बाद सभी लोगों की मांग पर मैंने यूट्यूब चैनल शुरू किया, जहां मेरी वीडियो देखकर कोई भी जलेबी, बिना मैदा की कचोरी, डोसा सांभर, पानी पुरी, हनी चिल्ली पोटैटो, समोसे, टोमेटो चटनी, स्प्रिंग रोल आदि व्यंजन बना सकते हैं।