रायबरेली। अमेठी के शिवरतनगंज में शिक्षक व परिवार के तीन लोगों की हत्या का मामला दिल्ली तक पहुंच गया है। रविवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की टीम मृतक शिक्षक के घर सुदामापुर पहुंची। टीम ने परिजनों से बात कर घटना की जानकारी ली। इस दौरान परिवार के सदस्यों ने टीम से न्याय दिलाने की मांग की। साथ ही अपनी समस्याएं भी बताईं। टीम करीब 50 मिनट तक गांव में रही। इस दौरान रायबरेली सदर कोतवाली में दर्ज कराए गए मुकदमे की भी जानकारी ली।
शिक्षक सुनील कुमार, पत्नी पूनम, बेटी समीक्षा और श्रष्टि की हत्या से राजनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ी है। वहीं, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भी घटना का संज्ञान लिया है। रविवार दोपहर करीब 12:50 बजे आयोग के सदस्य लवकुश कुमार तीन सदस्यीय टीम के साथ सुदामापुर पहुंचे। उन्होंने सुनील के पिता राम गोपाल, मां राजवती, भाई सोनू से घटना की जानकारी ली।
टीम को सुनील के साथी ने बताया कि आरोपी चंदन से सुनील का विवाद चल रहा था। 18 अगस्त को तहरीर देने के बाद भी रायबरेली पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। आयोग के सदस्य लवकुश कुमार ने सीओ डलमऊ अरुण कुमार नौहवार को निर्देश दिए कि शिक्षक व उनकी पत्नी के परिवार को कोई समस्या न होने पाए। एएसपी संजीव कुमार सिन्हा से कहा कि दोनों परिवारों की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए जाएं। यही नहीं घर में पानी की समस्या का पता चलने पर उन्होंने एडीओ पंचायत जगतपुर संजीव शर्मा को जल्द से जल्द हैंडपंप लगवाने के निर्देश दिए। इसके बाद टीम लखनऊ रवाना हो गई।
पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दे रहा प्रशासन
रायबरेली। सुदामापुर गांव जाने से पहले आयोग की टीम पीडब्ल्यूडी के गेस्ट हाउस पहुंची थी। यहां आयोग के सदस्य लवकुश कुमार ने डीएम हर्षिता माथुर से सुदामापुर गांव के हालात और शिवरतनगंज हत्याकांड पर जानकारी ली। पीड़ित परिवार को किस तरह से प्रशासन मदद कर रहा है, इस बारे में डीएम ने टीम के सदस्य को अवगत कराया।
आयोग के सदस्य ने मीडिया को बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही अमेठी और रायबरेली के प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। प्रदेश सरकार भी पीड़ित परिवार की हर संभव मदद कर रही है। उनकी मांगों को प्रशासन पूर कर रहा है। रायबरेली पुलिस की अनदेखी के सवाल पर कहा कि पहुंचकर स्थिति से वाकिफ होकर ही इस बारे में कुछ कहेंगे।