लखनऊ में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ऑफिस बंद होने की घोषणा के बाद 2000 आईटी प्रोफेसनल्स का भविष्य मुश्किल में पड़ गया है। उन्हें उम्मीद है कि सरकार व टीसीएस मिलकर मुश्किल का कोई समाधान निकालेंगे, जिससे उनके रोजगार पर आया संकट टलेगा। आईटी सेक्टर की हालत देश में इन दिनों खस्ताहाल होने से भी कर्मचारियों की चिंताएं बड़ी हैं।
अब उन्हें सारी उम्मीदें यूपी सरकार और टीसीएस की होने वाली वार्ता से है। शनिवार को टीसीएस कर्मचारी सीएम योगी से मिले। मुलाकात के बाद प्रतिनिधि मंडल में शामिल टीसीएस कर्मचारियों ने बताया कि सीएम ने अगले दो दिनों में टीसीएस के प्रबंधन से बात कर कर्मचारियों व लखनऊ के हित में समाधान निकालने का भरोसा दिलाया।
हालांकि, टीसीएस ने अपने कर्मचारियों को दूसरी जगह ट्रांसफर करने का विकल्प दिया है, जिस पर कर्मचारी सहमत नहीं हैं और उन्हें अब सीएम योगी से ही उम्मीदें हैं कि वो किसी तरह टीसीएस को लखनऊ में रोकें।
वहीं लखनऊ की अर्थव्यवस्था पर भी इसका बुरा असर हो सकता है। बताया जा रहा है कि लखनऊ में कंपनी का संचालन आर्थिक रूप से नुकसानदायक होने पर टीसीएस यह कदम उठा रही है।
प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए दिसंबर तक दिया गया वक्त
- फोटो : amar ujala
वहीं, कंपनी के वाइस प्रेसीडेंट व उत्तर क्षेत्र के प्रमुख तेज पॉल भाटला ने पहले ही विभिन्न प्रोजेक्ट्स के प्रमुखों को दिसंबर तक अपने काम पूरे करने या यहां से नोएडा या इंदौर स्थानांतरित कर पाने की अवस्था में लाने के निर्देश दे दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में कंपनी ने प्रदेश सरकार से वार्ता की थी, जिसमें बताया गया था कि आर्थिक वजहों से वह अपने कुछ स्टाफ व प्रोजेक्ट को इंदौर व नागपुर भेज रही है।
उसके पास लखनऊ में अपनी बिल्डिंग नहीं है। न इतने संसाधन हैं कि निर्माण करवा सके। लखनऊ में 400 आईटी प्रोफेशनल और वाराणसी में नया केंद्र खोल कर वहां भी करीब 300 प्रोफेशनल को काम पर रखेगी।
ये विकल्प हो तो बचती है उम्मीद
टीसीएस के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि अवध पार्क का स्वामित्व रखने वाले बिल्डर ने मार्केट रेट पर किराए की मांग की है। जिसे चुका पाने से कंपनी प्रबंधन ने इन्कार किया है। बिल्डर की मांग पुरानी दर से चार गुना है।
ऐसे में सरकार टीसीएस को लखनऊ में टाटा मोटर्स के लिए दी गई जमीन का उपयोग करते हुए ऑफिस बनाने के लिए राजी करती है तो कुछ उम्मीद बचती है। हालांकि अप्रैल तक रीन्यू की गई लीज खत्म हो जाएगी और नई व्यवस्था हो पाने जितना समय नहीं बचा है, न ही इस दिशा में कोई पहल टीसीएस या सरकार ने अब तक की है।
11 साल पहले शिफ्ट की गई थी विभूतिखंड में
1987 में विधानसभा मार्ग स्थित तुलसी गंगा कॉम्प्लेक्स में शुरू हुई टीसीएस 200 से अधिक कर्मचारी हो जाने पर 11 साल पहले विभूति खंड स्थित अवध टीसीएस पार्क में शिफ्ट की गई।