यूपी व बिहार के वाणिज्य कर विभाग ने जीएसटी लागू होने के बाद पहली बार संयुक्त रूप से बिहार के भभुआ स्थित एक सीमेंट इकाई में छापामारी करके 110 करोड़ के फ र्जी तरीके से लोहे की खरीद फरोख्त का मामला उजागर किया। यानी लोहे की फर्जी खरीद दर्शाकर करके 20 करोड़ रुपये का टैक्स हड़प लिया।
कारोबारियों ने इसके लिए इनपुट क्रेडिट टैक्स (आईटीसी) का सहारा लिया। कारोबारियों को लोहे की खरीद पर जो टैक्स चुकाना चाहिए था उसका आईटीसी के जरिये समायोजन कर लिया। छापे की जांच में यह भी पाया गया कि यूपी की ईको स्टील ने 110 करोड़ के लोहे-सरिया की बिहार की जिस ईको सीमेंट को सप्लाई दिखाई थी, वहां इसकी आपूर्ति ही नहीं हुई।
यही नहीं जिस समय के बिल दिखाए गए हैं, उससे पहले ही ईको सीमेंट कंपनी किसी और ने टेकओवर कर ली थी। कमिश्नर वाणिज्य कर कामिनी चौहान रतन के अनुसार अक्तूबर में बुलंदशहर, अलीगढ़ और मिर्जापुर में स्थित लोहे की चार बड़ी निर्माता इकाईयों के वहां जीएसटी की प्रवर्तन इकाईयों ने छापामारी की थी।
इसमें कर चोरी में लिप्त कई राज्यों के नेटवर्क की पहचान की गई थी। यह नेटवर्क पंजाब, गुजरात, बिहार, राजस्थान आदि राज्यों तक फैला हुई है। इस कार्रवाई के बाद नवंबर माह में अलीगढ़ में एक फर्जी फर्म के खिलाफ एफआईआर कराई गई थी। इस मामले में एक गिरफ्तारी भी हुई थी।
अक्टूबर में ही खुल गई थी पोल
कमिश्नर वाणिज्य कर के अनुसार वाणिज्य कर की रिसर्च सेल ने अक्तूबर की कार्रवाई का फॉलोअप लिया। इसमें पता चला कि मिर्जापुर स्थित ईको स्टील कंपनी ने भभुआ बिहार की अपनी सहयोगी कंपनी ईको सीमेंट को इसी वर्ष अप्रैल से अक्तूबर तक 110 करोड़ रुपये के लोहा-सरिया के बिल और ई-वे बिल जारी किए हैं।
इसके आगे सीमेंट कंपनी द्वारा लोहे की बिक्री नहीं दिखाने पर रिसर्च सेल को संदेह हुआ। इस पर कमिश्नर वाणिज्य कर ने कमिश्नर राज्य कर बिहार डॉ. प्रतिमा को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद दोनों राज्यों ने संयुक्त रूप से तीन दिसंबर को भभुआ की ईको सीमेंट इकाई पर छापा मारा।
ईको स्टील ने जिस सीमेंट इकाई को कागजों में लोहा भेजना दिखाया है, उस सीमेंट इकाई को अप्रैल में ही दूसरी कंपनी ने टेकओवर कर लिया था। नई कंपनी नए ब्रांड नेम से फैक्ट्री में सीमेंट उत्पादन कर रही है। कंपनी के पुराने कर्मचारियों और नए अधिकारियों ने बताया कि अप्रैल 2018 से इस कंपनी में न तो कोई लोहा आया और न ही कोई कारोबार हुआ है। इससे ईको स्टील के फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया।
छापेमारी में यूपी और बिहार के सात-सात अधिकारी शामिल थे। यूपी की टीम का नेतृत्व एडिशनल कमिश्नर केके वर्मा, जीएस बोनाल और बिहार टीम का नेतृत्व एडिशनल कमिश्नर संजय कुमार पंसारी ने किया था। जांच टीम में यूपी से डिप्टी कमिश्नर वाराणसी अखिलेश सिंह, परमानंद, असिस्टेंट कमिश्नर वाराणसी प्रशांत राय, बृजेंद्र वैश्य, पुष्पेंद्र पटेल शामिल थे।