फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तौकीर-दिग्विजय की गुफ्तगू के क्या हैं सियासी मायने?

Mon, 11 Nov 2013 11:28 AM IST
राजेंद्र सिंह/लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
इत्तेहाद-ए-मिल्ली कौंसिल के अध्यक्ष और हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग के सलाहकार मौलाना तौकीर रजा की रविवार को कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह और एनपीसी महासचिव एवं केंद्रीय राज्यमंत्री तारिक अनवर से गुफ्तगू पर सियासी अटकलें तेज हो गई हैं।
विज्ञापन


मौलाना यूपी में सपा के साथ हैं तो दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) का समर्थन कर रहे हैं।

उनके अगले सियासी कदम पर सभी की नजरें हैं।

तौकीर सूबे में सपा को लोकसभा चुनाव के लिए समर्थन दे रहे हैं। इसके लिए उन्होंने प्रदेश सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं।

पढ़ें- सपा की दूसरे चरण की रथयात्राएं शुरू

कुछ पर कार्यवाही हो चुकी है और कुछ पर सिर्फ आश्वासन मिले हैं। वह कई बार सरकार के रवैये पर नाखुशी जता चुके हैं।

लालबत्ती तक लौटाने की चेतावनी दे चुके हैं। कह चुके हैं कि सपा को समर्थन केवल यूपी तक सीमित है।

साथ ही कहते रहे हैं कि अब केवल मोदी का डर दिखाकर मुस्लिम वोट हासिल नहीं किए जा सकते।

उनके इन्हीं तेवरों के बीच पिछले दिनों बरेली में दरगाह शरीफ पर चादर चढ़ाने आए अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए उनसे समर्थन मांगा। मौलाना ने उनकी मदद का भरोसा दिलाया है।

इस बीच रविवार को संभल में कल्कि महोत्सव में वह दिग्विजय सिंह और तारिक अनवर के साथ एक मंच पर रहे। उनमें गुफ्तगू भी हुई। एक-दूसरे की तारीफ भी की।

दिग्विजय सिंह अल्पसंख्यक मामलों में कांग्रेस के नीति निर्धारक समझे जाते हैं। इसलिए इसके सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।

पढ़ें- 'किसने रोका है, हजार दलित लीडर पैदा करें राहुल'

यूं भी पिछले लोकसभा चुनाव में मौलाना तौकीर ने कांग्रेस का समर्थन किया था, लेकिन बाद में कांग्रेस ने नाराज हो गए।

मुलाकात में सियासत नहीं: तौकीर
मौलाना तौकीर ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि दिग्विजय सिंह के साथ मंच शेयर करना महज इत्तेफाक है।

कल्कि महोत्सव में उन्हें भी बुलाया गया और दिग्विजय सिंह को भी। दिग्विजय पहले भी वहां आते रहे हैं। कार्यक्रम सियासी नहीं था।

मेरे दिग्विजय सिंह से निजी संबंध हैं। उनसे कोई सियासी गुफ्तगू नहीं हुई। मंच पर एक साथ बैठने और हल्की-फुल्की बातों के राजनीतिक मायने नहीं निकाले जाने चाहिए।
विज्ञापन


‘आप’ के मुद्दे मेरे भी मुद्दे
मौलाना तौकीर ने कहा, जहां तक दिल्ली के चुनाव में ‘आप’ को समर्थन देने का सवाल है, हम उनके साथ हैं। ‘आप’ भ्रष्टाचार व सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ रही है।

ये मुद्दे मेरे भी हैं। यदि कोई मुहब्बत में विश्वास करता है तो सभी का मुद्दा होना चाहिए। उन्होंने कहा, निजी व्यस्तताओं के चलते अभी दिल्ली जाने का कार्यक्रम नहीं बना है। पहले से कुछ प्रोग्राम लगे हैं।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें