लखनऊ। रक्षाबंधन के बाद वापसी करने वालों के लिए कन्फर्म टिकटों की मारामारी के बीच शनिवार को तत्काल टिकटों के लिए कतारों में लगे यात्रियों को भी मायूसी हाथ लगी। महज सात सेकंड में एसी एक्सप्रेस में थर्ड एसी की 241 सीटें फुल हो गईं और यात्री काउंटर पर एक-दूसरे का मुंह ताकते रह गए। कमोबेश, पुष्पक एक्सप्रेस, लखनऊ मेल, अवध एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों में भी तत्काल की सीटें देखते-देखते फुल हो गईं।
दरअसल, रक्षाबंधन के बाद लोगों का दिल्ली व मुम्बई के लिए लौटने का सिलसिला शुरू हो गया है। चूंकि, ट्रेनों में कन्फर्म टिकटों की मारामारी शुरू हो गई है और लंबी वेटिंग चल रही है। वहीं तत्काल की उम्मीद में शनिवार को चारबाग आरक्षण केंद्र सहित अन्य स्टेशनों पर टिकट बुक कराने के लिए यात्रियों की भीड़ सुबह से ही लग गई थी। पर, जैसे ही टिकट काउंटर खुले तो यात्रियों को नाउम्मीदी ही हाथ लगी।
बता दें कि तत्काल कोटे की सीटों में एसी बोगियों की बुकिंग सुबह दस बजे से शुरू होती है, जबकि स्लीपर के टिकट 11 बजे से बुक होते हैं। लेकिन पैसेंजर जैसे ही टिकट काउंटर तक अपने नंबर से पहुंचे तो लम्बी वेटिंग शुरू हो गई। मसलन, लखनऊ से दिल्ली जाने वाली लखनऊ मेल की स्लीपर में 96 सीटें खाली थीं। जबकि तत्काल की बुकिंग शुरू होने के महज चार से पांच सेकेंड में वेटिंग 117 पहुंच गई। ऐसे ही इस ट्रेन की थर्ड एसी में 88 और सेकेंड में 51 सीटें खाली थीं। पर, कुछ ही सेकेंडों में इनकी वेटिंग 103 व 30 पहुंच गई। इसी क्रम में एसी एक्सप्रेस की थर्ड एसी में 241 सीटें थीं, जो सिर्फ सात सेकेंड में ही भर गईं और वेटिंग 99 पहुंच गई, जबकि सेकेंड एसी में 96 सीटें खाली थीं। पर, पैसेंजरों को 102 की वेटिंग मिली। पद्मावत एक्सप्रेस के स्लीपर में 220, थर्ड एसी में 40, हमसफर एक्सप्रेस के थर्ड एसी में 36 सीटें खाली थीं, जो देखते ही देखते फुल हो गईं। ऐसे ही डबलडेकर एक्सप्रेस में 102 वेटिंग, शताब्दी एक्सप्रेस चेयरकार में 103, गोमती में 94, श्रमजीवी एक्सप्रेस के स्लीपर में देखते ही देखते वेटिंग 116 पहुंच गई।
पुष्पक में थीं 143 सीटें, हो गई 61 वेटिंग
लखनऊ से दिल्ली ही नहीं, मुम्बई की गाड़ियों में भी तत्काल की सीटों के साथ पैसेंजरों को कमोबेश यही मायूसी झेलनी पड़ी। रविवार के लिए पुष्पक एक्सप्रेस के स्लीपर में तत्काल की 143 सीटें थीं, जो कुछ ही मिनटों में भरकर 61 वेटिंग पहुंच गई। वहीं थर्ड एसी में 20 थी, जिसकी वेटिंग 12 हो गई और सेकेंड एसी में 10 सीटें फुल हो गईं। इसी क्रम में अवध एक्सप्रेस की स्लीपर बोगी में 161, थर्ड एसी में 26, लखनऊ जंक्शन एलटीटी एक्सप्रेस की स्लीपर में 143, थर्ड एसी में 30 सीटें थीं, जो पैसेंजरों को नसीब नहीं हुईं।
दलाल फटाफट बुक करते हैं सीटें
लखनऊ व मुम्बई की ट्रेनों में तत्काल की इतनी सीटें खाली होने केबावजूद पैसेंजरों को मायूसी हाथ लगती है। ऐसे में सवाल उठता है कि यह सीटें आखिर जाती कहां हैं, इस पर आरपीएफ अधिकारी बताते हैं कि टिकट एजेंट सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर तत्काल की सीटें बुक कर लेते हैं। मुम्बई से यह सॉफ्टवेयर दो से ढाई हजार रुपये में खरीदकर एक साथ दस से बारह तक सीटें बुक कर लेते हैं। ऐसे कई दलाल सॉफ्टवेयर के साथ पकड़े जा चुके हैं।