आरोपी लखनऊ व अन्य शहरों में घूम घूम कर कार को निशाना बनाते थे । रंगनाथम, सत्यराज और अब्दुल सड़क पर दस रुपये गिराकर कार में बैठे लोगों को लालच देते थे। फिर अलियास लिंगरामन कार सवारों को बातों में उलझाता था।
सड़क पर खड़ी कारों के शीशे तोड़कर उसमें रखे कीमती सामान को चोरी करने वाले तमिलनाडु गिरोह के पांच लोगों को कैसरबाग पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से चोरी की दो डायरी, लैपटॉप और नकदी बरामद हुई है।
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इंस्पेक्टर अंजनी मिश्र के मुताबिक पकड़े गए आरोपी तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली निवासी रंगनाथम सी, सत्यराज टी, पुडुचेरी निवासी अलियास लिंगरामन, तिरुचिरापल्ली का अब्दुल हसन व इलंगेश्वरन है। आरोपियों के खिलाफ दिल्ली व अन्य राज्यों में चोरी और आर्म्स एक्ट के कई मुकदमे में दर्ज हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि आईआईएम रोड निवासी अनुराग सक्सेना ने 25 सितंबर को थाने में कार से दो डायरी, कैटलॉग, एक लैपटॉप व नकदी चोरी होने का केस दर्ज कराया था। पुलिस आरोपियों की तलाश में लगी हुई थी। तभी सीसीटीवी व अन्य तकनीक की मदद से आरोपियों को पकड़ लिया गया।
दस का नोट सड़क पर गिराकर देते थे कार सवार को लालच
इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी लखनऊ व अन्य शहरों में घूम घूम कर कार को निशाना बनाते थे । रंगनाथम, सत्यराज और अब्दुल सड़क पर दस रुपये गिराकर कार में बैठे लोगों को लालच देते थे। फिर अलियास लिंगरामन कार सवारों को बातों में उलझाता था। इसके बाद अब्दुल कार में रखे कीमती सामान पार कर देता था। वहीं, अगर कार में कोई नहीं होता था तो इलंगेश्वरन रबर बैंड व छरों से शीशा तोड़कर चोरी करता था। आरोपी वारदात करने के बाद तमिलनाडु भाग निकलते थे। कुछ दिन बाद फिर दूसरे राज्य में चोरी करने चले जाते थे।