लंबे अरसे से स्थायी किए जाने की आस लगाए बैठे तदर्थ शिक्षकों की मुराद राज्य सरकार मंगलवार को पूरी कर सकती है। मंगलवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट की बैठक में इसके प्रस्ताव पर मुहर लगने की उम्मीद है। वहीं मदरसा व संस्कृत बोर्ड की मेधावी छात्राओं को भी 30,000 रुपये कन्या विद्याधन देने संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल सकती है।
सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में 7 अगस्त 1993 से 30 दिसंबर 2000 के बीच तदर्थ व 7 अगस्त 1993 से 25 जनवरी 1999 के बीच अल्पकालिक नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों को स्थायी करने का प्रस्ताव है। अगर इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है तो 1934 शिक्षक स्थायी हो सकेंगे।
वहीं निजी क्षेत्र के 77 संस्कृत कॉलेजों को अनुदान सूची पर लेने संबंधी प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है। लखनऊ से आजमगढ़ के रास्ते बलिया तक एक्सप्रेस-वे के लिए परियोजना विकास परामर्शी के चयन और उसकी फीस भुगतान संबंधी प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है।
रोलर फ्लोर मिलों व आटा चक्कियों के लिए खरीदे जा रहे गेहूं पर क्रय कर के विकल्प में वर्ष 2015-16 में समाधान योजना का लाभ देने, हिंदी फिल्म मसान को टैक्स फ्री करने, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे परियोजना में उन्नाव व लखनऊ में सिंचाई विभाग की आ रही जमीन को यूपीडा को देने, किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के कार्डियोलॉजी विभाग के विस्तार संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल सकती है।
जिला पर्यटन प्रोत्साहन परिषद का गठन करने, आगरा में मुगल म्यूजियम की स्थापना, उत्तर प्रदेश राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार नियमावली 2015 को लागू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल सकती है।